नई दिल्ली. भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने कहा है कि विदाई मैच ना खेल पाने का दुख मुझे हमेशा रहेगा. उन्होंने कहा कि करीब 13 साल क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी को एक विदाई मैच तो जरूर मिलना चाहिए.

सहवाग ने इंडिया टीवी के शो ‘आप की अदालत’ में कहा कि चयनकर्ताओं ने मुझसे कहा कि वे लोग मुझे टीम से बाहर करने जा रहे हैं. मैंने आग्रह किया कि मुझे दिल्ली में अंतिम टेस्ट खेलकर संन्यास की घोषणा करने दी जाए लेकिन उन्होंने मुझे दोबारा मौका नहीं दिया.

उन्होंने कहा कि मैं पूछना चाहूंगा अपने देश के लिए करीब 13 साल खेलने वाले खिलाड़ी को एक विदाई मैच नहीं मिलना चाहिए ?

सहवाग का कहना है कि मुझे खेलते हुए संन्यास लेने का मौका नहीं दिया गया, इसका दुख मेरे दिमाग में हमेशा रहेगा. हालांकि यह एक खिलाड़ी के जीवन का हिस्सा है जो खेलते समय कभी इस बात को महसूस नहीं करता है कि उसे कब संन्यास लेना चाहिए लेकिन जैसे ही उसे टीम से बाहर किया जाता है वह इस बारे में सोचने लगता है.

बता दें कि सहवाग ने 13 अक्टूबर को अपने बर्थडे पर क्रिकेट के सभी प्रारूपो से संन्यास लेने की घोषणा की थी. सहवाग ने अपने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में 23 टेस्ट शतक और 15 वनडे शतक लगाए हैं.