जकार्ता. दूसरी विश्व वरीयता प्राप्त सायना नेहवाल, पी. वी. सिंधु और शीर्ष भारतीय महिला युगल ज्वाला गुट्टा तथा अश्विनी पोनप्पा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व चैम्पियनशिप में भारत के लिए पदकों की उम्मीद बरकरार रखी. सायना, सिंधू और ज्वाला-अश्विनी की जोड़ी अपने-अपने वर्गो में विश्व चैम्पियनशिप के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गईं.
 
तीनों वर्गो में एक भी जीत भारत के लिए कम से कम कांस्य पदक पक्का कर देगी. विश्व चैम्पियनशिप में दो बार कांस्य पदक जीत चुकीं सिंधु ने चोट के बाद शानदार वापसी करते हुए एकल वर्ग में मौजूदा ओलम्पिक चैम्पियन चीन की ली जुईरेई को हरा दिया. हैदराबाद निवासी 20 साल की सिंधु ने टूर्नामेंट की तीसरी वरीय जुईरेई को 50 मिनट तक चले कांटे के मुकाबले में 21-17, 14-21, 21-17 से हराया.
 
यह सिंधु और जुईरेई के बीच अब तक की चौथी भिड़ंत थी. सिंधु दूसरी दफा जुईरेई को हराने में सफल रही हैं. अगले दौर में सिंधु का सामना दक्षिण कोरिया की सुंग जी हयून से होगा. इन दोनों के बीच अब तक कुल चार मुकाबले हुए हैं, जिनमें से तीन में सिंधु विजयी रही हैं.
 
सायना का शानदार सफर जारी
 
सिंधु की जीत के बाद विश्व की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी सायना ने शानदार खेल दिखाते हुए जापान की सायाका ताकाहाशी को 47 मिनट में 21-18, 21-14 से हराया. दोनों के बीच चार बार भिडंत हुई है और हर बार सायना विजयी रही हैं. ओम्पिक में कांस्य पदक जीत चुकीं सायना लगातार छठी बार विश्व चैम्पियनशिप के क्वार्टर फाइनल में पहुंची हैं. इससे पहले चार बार वह इसी दौर से बाहर हुई हैं. 
 
अब उनका सामना पूर्व विश्व चैम्पियन चीन की यिहान वांग से होगा. पूर्व सर्वोच्च विश्व वरीय वांग को विश्व चैम्पियनशिप में छठी वरीयता मिली है. दोनों खिलाड़ियों के बीच अब तक 11 मैच हुए हैं, जिसमें सायना सिर्फ दो बार जीत हासिल कर सकी हैं. सायना ने हालांकि इसी वर्ष मार्च में हुए ऑल इंग्लैंड में वांग के खिलाफ आखिरी मुकाबले में उन्हें मात दी थी.
 
गुट्टा और पोनप्पा पहुंचीं अंतिम-आठ में
 
महिला युगल वर्ग में गुट्टा और पोनप्पा ने जापान की आठवीं वरीय रेइका काकिवा और मियुकी माएदा को जोड़ी को तीन गेम तक चले मुकाबले में हराया. 13वीं वरीय भारतीय जोड़ी ने यह मैच लगभग एक घंटे में 21-15, 18-21, 21-19 से जीतते हुए अंतिम-8 दौर में जगह पक्की की. 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक विजेता और विश्व चैम्पियनशिप-2011 में कांस्य पदक जीत चुकी यह जोड़ी इस बार अपने प्रदर्शन को सुधारने का प्रयास करेगी.