नई दिल्ली. चाइनामैन के नाम से मशहूर टीम इंडिया के युवा स्पिन गेंदबाज मौजूदा समय में टीम के मुख्य गेंदबाज बन चुके हैं. अपनी गेंदबाजी के कमाल से वो अश्विन और जडेजा की कमी नहीं खलने दे रहे हैं. कुलदीप यादव ने ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज गेंदबाज शेनवार्न के बारे में कहा कि अगर वे उनका आधा भी बन जाते हैं तो उनकी जिंदगी सफल हो जाएगी. 
 
कम मैच खेलने के बावजूद भी अभी से ही कुलदीप यादव की तुलना कभी-कभी महान गेंदबाज शेन वार्न से होती है. कुलदीप ने इस बारे में कहा कि अगर वो ऑस्ट्रेलिया के महान गेंदबाज शेन वार्न के जैसी उपलब्धि हासिल कर लेते हैं तो उनका करियर सफल हो जाएगा. 
 
धर्मशाला में इसी साल के शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में डेब्यू करने वाले कुलदीप यादव टीम इंडिया की मजबूत कड़ी साबित होते जा रहे हैं. चाहे वो टी20 मैच हो या फिर वनडे या फिर टेस्ट. सभी फॉर्मेट में वो दमदार गेंदबाजी का नजारा पेश कर रहे हैं. 
 
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टी20 मैच से पहले रिपोर्टर्स से बातचीत के दौरान कुलदीप यादव शेन वार्न की प्रशंसा की और कहा कि वे बचपन से ही उन्हें देखते आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि मैं बचपन से ही शे वार्न को फॉलो करता आ रहा हूं. वे मेरे आदर्श हैं. मेरा जीवन तभी सफल होगा, जब मैं उनका 50 फीसदी भी अचीव कर पाऊं. मैं अक्सर उनके टच में रहता हूं. 
 
 
उन्होंने आगे कहा कि शेन वार्न का रिस्ट वर्क, फ्लाइट और ड्रिफ्ट बैट्समैन को संकट में डाल देता है. अगर मैं उनसे कुछ सीख पाता हूं तो मेरा जीवन सफल हो जाएगा. बता दें कि इससे पहले शेन वार्न कुलदीप यादव की तारीफ कर चुके हैं. ट्वीट के जरिये वार्न ने कहा था कि जब सभी फॉर्मेट में युवा गेंदबाज कुलदीप अपना धैर्य बनाए रखते हैं तो वो दुनिया के सबसे अच्छे लेग स्पिनर यासिर को टक्कर दे सकेंगे. 
 
22 वर्षीय कुलदीप ने आगे कहा कि वे रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा के रिप्लेसमेंट के बारे में नहीं सोचते हैं. उन्होंने कहा कि मैं उन दोनों के बारे में ज्यादा कुछ नहीं सोचता. वे दोनों क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया के लिए काफी मंझे हुए खिलाड़ी हैं. उन्हें रिप्लेस करने का तो कोई सवाल ही नहीं उठता.
 
यजुवेंद्र चहल के बारे में बात करते हुए कुलदीप ने कहा कि चहल के साथ मेरी अच्छी साझेदारी हो रही है. हम दोनों एक-दूसरे को पांच साल से जानते हैं. इसलिए एक-दूसरे के प्लान को हमें समझने में काफी आसानी होती है. जब हम दोनों एक-दूसरे से बातें करते हैं तो मैदान पर इसका हमें मदद भी मिलता है. हम मैच में पार्टनर्शिप में गेंदबाजी करते हैं. 
 
 
हम विकेट के बारे में बात करते हैं कि क्या हमें फास्ट गेंद फेंकनी चाहिए या फिर धीमी गति की गेंद फेंकनी चाहिए. मैं उसे कहता हूं कि कैसे किसी खास विकेट पर गेंद रियेक्ट करता है. बता दें कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टी20 मैच में दोनों स्पिनर गेंदबाज काफी प्रभावी रहे थे. इन दोनों की शानदार गेंदबाजी की बदौलत ही टीम इंडिया ऑस्ट्रिलिया को 9 विकेट पर रोकने में कामयाब हो गई थी. 
 
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