नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की हिदायत के बाद क्रिकेटर गौतम गंभीर, ऋषि धवन और पारस डोगरा ने इंडियन जूनियर प्रीमियर लीग (आईजेपीएल) से अपना समर्थन वापस ले लिया है. गौतम गंभीर को आईजेपीएल का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया था. इंडियन जूनियर प्रीमियर लीग (आईजेपीएल) और जूनियर इंडियन प्लेयर लीग (जेआईपीएल) जैसी लीग को बीसीसीआई ने मान्यता नहीं दी है. बीसीसीआई ने सोमवार को कहा कि इस तरह के ‘अस्वीकृत टूर्नामेंट’ में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. बीसीसीआई ने एक बयान में कहा, ‘हमें पता चला है कि आईजेपीएल और जेआईपीएल के नाम से कुछ टी-20 मैच, सीरीज, टूर्नामेंट और शिविर आयोजित किए जा रहे हैं जोकि पूरी तरह से अवैध हैं.’
 
बीसीसीआई ने सोमवार को अपने बयान में यह भी साफ किया कि गौतम गंभीर जैसे खिलाड़ी ने भी अस्वीकृत आईजेपीएल टी-20 से अपना समर्थन वापस ले लिया है. इस लीग का समर्थन कर रहे ऋषि धवन और पारस डोगरा जैसे खिलाड़ियों ने भी इसके प्रचार-प्रसार से अपना नाम वापस ले लिया है. बीसीसीआई अधिकारियों ने बताया कि बीसीसीआई और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) आईजेपीएल और जेआईपीएल के नाम से होने वाली लीग को आयोजित नहीं कर रहा है. इस लीग को उनकी ओर से मान्यता नहीं दी गई है. इसके आयोजक उनके संपर्क में नहीं हैं.
 
 
बीसीसीआई ने साफ किया कि बीसीसीआई में पंजीकृत कोई भी खिलाड़ी अगर आईजेपीएल और जेआईपीएल जैसे लीग में हमारी सहमति के बिना जुड़ता है, तो वह बीसीसीआई के नियमों की अवहेलना होगी. इस तरह के ‘अस्वीकृत टूर्नामेंट’ में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि आईजेपीएल टी20 पिछले महीने 19 से 29 सितंबर तक दुबई में खेला गया था. उस दौरान गौतम गंभीर ने लीग का समर्थन करते हुए कहा था कि टैलेंट ईश्वर की देन होता है लेकिन अपनी प्रतिभा को दिखाने के लिए एक मंच जरूरी होता है. आईजेपीएल के जरिए युवा प्रतिभा को मौका मिल रहा है.