नई दिल्ली. पूर्व BCCI अध्यक्ष शशांक मनोहर ने स्पॉट फिक्सिंग मामले में ICC चेयरमैन श्रीनिवासन और BCCI की कड़ी आलोचना की है. मनोहर ने कहा कि अब आगे की जांच जैसा कुछ बचा नहीं है और बोर्ड को बिना किसी झिझक के लोढ़ा कमेटी की राय मान लेनी चाहिए. 

श्रीनिवासन ही हैं जिम्मेदार
एक निजी न्यूज़ चैनल से बातचीत के दौरान मनोहर ने कहा कि BCCI ने अपनी छवि सुधारने की जरा भी कोशिश नहीं की. अब बोर्ड के पास लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों पर अमल करने के अलावा कोई और रास्ता नहीं है. उन्होंने कहा कि एन श्रीनिवासन को 2013 में स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण के खुलासे के बाद ही अपना पद छोड़ देना चाहिए था.

मनोहर ने कहा, ‘श्रीनिवासन को 2013 में अपने पद से हट जाना चाहिए था. कोई भी व्यक्ति संस्था से बड़ा नहीं है, श्रीनिवासन ही सारे विवाद की जड़ हैं. उन्हें तत्काल प्रभाव से ICC चेयरमैन के पद से हट जाना चाहिए.’ मनोहर ने इस विवाद को सुलझाने में सक्रियता ना दिखाने के लिए BCCI को भी लताड़ लगाते हुए कहा कि आजकल बोर्ड का काम कोर्ट कर रहा है.

कानून से ऊपर कोई नहीं 
मनोहर ने आगे कहा, ‘BCCI की तरफ से इस गड़बड़ी से निपटने की दिशा में कोई प्रयास नहीं किया गया और बोर्ड का काम कोर्ट को करना पड़ा. BCCI को इस मामले में सक्रियता दिखाने की जरूरत थी. लोगों के मन में फिर से विश्वास जगाने के लिए बोर्ड को संस्थान के हित की चिंता करनी चाहिए थी ना कि किसी व्यक्ति विशेष की.’ IPL के सीओओ सुंदर रमन के बारे में पूछने पर मनोहर ने कहा कि उन्हें लोगों की सोच को सही दिशा में ले जाने के लिए हट जाना चाहिए.