नई दिल्ली : नीतीश राणा, मनन वोहरा, ऋषभ पंत, श्रेयस अय्यर और बासिल थम्पी. ये हैं वे पांच उभरते हुए युवा सितारे, जिन्होंने में अपने प्रदर्शन से आगे के लिए उम्मीदें जगाई हैं. ये वे खिलाड़ी हैं जिन्हें इस सीज़न से पहले बहुत कम लोग जानते थे लेकिन आज सुनील गावसकर से लेकर तमाम दिग्गज इनके खेल की सराहना कर रहे हैं.
 
नीतीश राणा 
गौतम गम्भीर, अमित मिश्रा और उन्मुक्त चंद के गुरु भाई नीतीश दिल्ली में संजय भारद्वाज के शिष्य हैं. मुम्बई इंडियंस की ओर से उन्होंने कई मौकों पर विनिंग पारियां खेली हैं. उनका सबसे बड़ा ईनाम यही है कि सुनील गावसकर जैसे दिग्गज ने उन्हें टीम का ट्रम्प कार्ड कहा है. अभी तक पांच में से चार अच्छी पारियां और उसमें भी दो हाफ सेंचुरी उनकी प्रतिभा का बखान करने के लिए काफी हैं. लगता है कि मुम्बई टीम उन पर तभी से नज़र बनाए हुए थी, जब सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में वह सबसे बड़े सिक्सर किंग के रूप में सामने आए थे.
 
मनन वोहरा 
किंग्स इलेवन, पंजाब के मनन वोहरा को घरेलू क्रिकेट में मौके के लिए लम्बा इंतज़ार करना पड़ा. सनराइज़र्स, हैदराबाद के खिलाफ हैदराबाद में उनकी 50 गेंदों पर 95 रन की पारी को भला कौन भूल सकता है. अच्छी बात यह है कि उन्होंने हैदराबाद के बढ़िया अटैक के सामने यह पारी खेली है. आरसीबी और केकेआर के खिलाफ भी उन्होंने अपनी पारियों से प्रभावित किया है. मनन योगराज सिंह से ट्रेनिंग लेते हैं और भारत के पूर्व हॉकी खिलाड़ी वाई.बी. सिंह के पोते हैं. रणजी ट्रॉफी में झारखंड के खिलाफ 187 रन की पारी खेलकर वह राष्ट्रीय स्तर पर सबसे पहले सुर्खियों में आए थे.
 
ऋषभ पंत 
रुड़की से दिल्ली में आए ऋषभ पंत इस आईपीएल सीज़न में तीन अच्छी पारियां खेल चुके हैं. अंडर 19 वर्ल्ड कप में सेंचुरी, रणजी ट्रॉफी में ट्रिपल सेंचुरी और अन्य मैच में 48 गेंद पर सेंचुरी उनकी प्रतिभा को बताने के लिए काफी है. उनकी इन्हीं सब खूबियों की वजह से उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की टी-20 सीरीज़ के लिए राष्ट्रीय टीम में बुलावा आया था. दिल्ली डेयरडेविल्स का शुरू से ही उन पर भरोसा रहा है.
 
श्रेयस अय्यर 
जिस तरह नीतीश राणा दिल्ली से मुम्बई गए हैं, वहीं श्रेयस अय्यर मुम्बई से दिल्ली आए हैं. प्रवीण आमरे से कोचिंग लेने वाले श्रेयस पर लगता है दिल्ली को शुरूआती मैचों में भरोसा नहीं था लेकिन तीन मैचों में ही उन्होंने प्रभावित किया. खासकर हैदराबाद के खिलाफ हैदराबाद में उन्होंने 31 गेंदों पर 50 रन की नॉटआउट पारी खेलकर काफी उम्मीदें जगा दी हैं. उनके खेलने की शैली को देखते हुए उनके टीम के साथी उन्हें जनियर सहवाग के नाम से पुकारते हैं. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन दिन के प्रैक्टिस मैच में उन्होंने अपराजित डबल सेंचुरी लगाई, जिससे उन्हें इस साल मार्च में विराट कोहली के कवर के रूप में भारतीय टीम से बुलावा आया.
 
बासिल थम्पी 
केरल के तेज़ गेंदबाज़ बासिल थम्पी इस सूची में अकेले तेज़ गेंदबाज़ हैं. गुजरात लॉयन्स की ओर से खेल रहे इस गेंदबाज़ को हालांकि अभी तक बहुत ज़्यादा क़ामयाबी नहीं मिली है लेकिन उनमें वह सब खूबियां ज़रूर दिख रही हैं जो भविष्य में राष्ट्रीय टीम के गेंदबाज़ के लिए ज़रूरी हैं. मसलन लगातार 140 किलोमीटर प्रति घंटे से इससे अधिक की रफ्तार से गेंदबाज़ी करने की उनकी खूबी उन्हें बाकी गेंदबाज़ों से अलग साबित करती है. इसके अलावा ऊंची कद काठी, राउंड आर्म एक्शन और बीच-बीच में यॉर्कर करने की खूबी उन्हें बड़ा गेंदबाज़ बनाती है. 
 
उम्मीद की जानी चाहिए कि ये पांचों खिलाड़ी टिकाऊ साबित होंगे और पॉल वालथाटी, मनप्रीत गोनी, स्वप्निल आसोदकर, शादाब जगाति और सौरभ तिवारी बनकर ही नहीं रह जाएंगे.