नई दिल्ली. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के ताजा फैसले से वनडे क्रिकेट की सूरत बदलने वाली है. ICC की सालाना बैठक में वनडे क्रिकेट में बदलाव के लिए 4 फैसले लिए गए हैं, जिनसे अब गेंदबाजों का राहत मिली है. वहीं बल्लेबाजों की शामत आने वाली है. आइये नजर डालते हैं वनडे क्रिकेट में हुए चार अहम बदलाव पर…

1. अब एक्सट्रा बैटिंग पावर प्ले नहीं

15-40 ओवर के बीच बैटिंग पावरप्ले खत्म कर दिया गया है. पिछले नियमों के हिसाब से बल्लेबाज़ी करने वाली टीम को पारी में दो पावर-प्ले मिलते थे, जिसमें पहले 10 ओवर का पावर-प्ले अनिवार्य होता था. उसके बाद 15 से 40 ओवर के बीच टीम कभी भी पांच ओवरों का पावर-प्ले ले सकती थी. अब बल्लेबाजों पहले 15 ओवर में ज्यादा रन जुटाने होंगे. मध्यक्रम के बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ेगा.

2. आखिरी 10 ओवर में सीमा पर 5 फील्डर

41-50 ओवर तक 30 गज के घेरे के बाहर 5 खिलाड़ी रखे जा सकेंगे. पुराने नियमों के हिसाब से पारी के आखिरी 10 ओवर में बाउन्ड्री लाइन पर सिर्फ़ 4 खिलाड़ी ही रह सकते थे, यानी 5 खिलाड़ियों को 30 गज़ के दायरे के अंदर रहना होता था. अब आखिरी ओवरों में रन बनाना ज्यादा मुश्किल होगा. इस नियम से स्पिनरों को ज्यादा फायदा मिलने की संभावना है. 

3. पहले 10 ओवर में कैचिंग फील्डर की ज़रूरत नहीं

पहले 10 ओवर में कैचिंग फील्डर लगाने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है. पहले दो फील्ड़रों का बल्लेबाज़ के नज़दीक रहकर कैचिंग पोज़िशन में खड़े रहना अनिवार्य होता था, जिससे बल्लेबाज़ को अपने हाथ खोलकर खुलकर शॉट खेलने का मौका मिलता था.

4. अब हर नोबॉल पर फ्री हिट

इससे पहले सिर्फ ओवर स्टेपिंग नोबॉल पर ही फ्री हिट मिलती थी. अब अगर गेंदबाज़ ने किसी भी तरह नो-बॉल फेंकी तो अगली गेंद पर फ्री हिट मिलेगी. फ्री हिट पर विकेट मिलने पर भी बल्लेबाज को आउट नहीं दिया जाता है, लेकिन बल्लेबाज को रन आउट माना जाता है.