फतुल्लाह. सलामी बल्लेबाज शिखर धवन की शतकीय पारी और मुरली विजय के अर्धशतकीय पारी के दम पर भारत ने बांग्‍लादेश के खिलाफ एक मात्र टेस्‍ट मैच में बिना कोई विकेट खोये 239 रन बना लिये हैं. मैदान पर अभी दोनों सलामी बल्‍लेबाज शिखर धवन और मुरली विजय डटे हुए हैं. शिखर धवन इस समय 158 गेंद पर 150 रन बनाकर नॉटआउट हैं. वहीं 178 गेंद पर 89 रन बनाकर मुरली विजय भी मैदान पर धवन का साथ दे रहे हैं. दोनों खिलाडियों ने बारिश प्रभावित मैच में भारत के लिए अच्‍छी शुरुआत दी.

टॉस जीत कर पहले बल्‍लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने अच्‍छी शुरुआत की और पहले दिन के खेल की समाप्ति तक कोई भी विकेट नहीं खोये. आज बारिश प्रभावित मैच में धवन और मुरली विजय ने तूफानी पारी खेली. धवन ने अपने कैरियर का तीसरा टेस्‍ट शतक पूरा कर लिया है. धवन ने मात्र 100 गेंद पर अपना शतक पूरा किया और अब भी मैदान पर जमे हुए हैं. दूसरी और मुरली विजय ने भी अपना अर्धशतक पूरा कर लिया है. आज बारिश के कारण मैच को बीच में ही रोकना पड़ा. बारिश के कारण आज लंच ब्रेक पहले लेना पडा.

धवन को 24वें ओवर में बारिश आने से पहले जीवनदान मिला जब स्पिनर तैजुल इस्लाम की गेंद पर शार्टमिड विकेट पर स्वागत होम ने उनका आसान कैच छोडा. उस समय धवन 73 रन बनाकर खेल रहे थे. चार स्पिनर और एकमात्र तेज गेंदबाज लेकर उतरने का मेजबान टीम का फैसला गलत साबित हुआ. धवन ने किसी गेंदबाज को नहीं बख्शा. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपना तीसरा अर्धशतक स्वागत की गेंद पर कट ड्राइव से पूरा किया. इसके लिये उन्होंने सिर्फ 47 गेंदें खेली.

यह टेस्ट विराट कोहली की आक्रामक कप्तानी की परीक्षा है. टीम इंडिया का लक्ष्य पिछले सात टेस्ट (इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ) से चल रहे जीत के सूखे को खत्म करने का भी है. भारत ने तीन तेज गेंदबाजों को मैदान में उतारने का फैसला लिया है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बीच में महेंद्र सिंह धौनी के टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद कोहली को पूर्णकालिक टेस्ट कप्तान बनाया गया. बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट मैच धौनी के बगैर नये दौर की शुरुआत होगा, जिसमें टीम के सदस्यों की औसत आयु 26 वर्ष है.

कोहली और बांग्लादेशी कप्तान मुशफिकर रहीम जब साहेब उस्मान अली स्टेडियम पर उतरेंगे, तो पुरानी यादें ताजा हो जायेंगी. भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक सौरभ गांगुली ने भी 15 साल पहले बांग्लादेश के खिलाफ ही एक टेस्ट के जरिये पूर्णकालिक कप्तानी का आगाज किया था. वह मैच ढाका के बंगबंधु स्टेडियम में खेला गया था. फर्क सिर्फ इतना है कि कोहली का यह बतौर कप्तान तीसरा टेस्ट होगा जबकि गांगुली ने उस मैच के जरिये कप्तानी में पदार्पण किया था.

IANS