नई दिल्ली. भारतीय पहलवान नरसिंह यादव पर चार साल का प्रतिबन्ध लगाने वाले कैस (CAS ) ने अपने फैसले में कहा है कि ऐसा लगता है नरसिंह यादव ने जानबूझकर एक से अधिक बार प्रतिबंधित ड्रग टैबलेट के रूप में लिया था. इसके अलावा कैस के अनुसार नरसिंह अपने उस दावे के संबंध में कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाए कि उनके खाने पीने के साथ छेड़छाड़ की गयी थी. 
 
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इस मुद्दे पर कैस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर यही लगता है नरसिंह का डोप अपराध एक बार प्रतिबंधित ड्रग लेने का नतीजा नहीं है. उनका कहना है कि 25 जून को हुए नरसिंह के पहले परीक्षण में ड्रग के अंश काफी ज्यादा थे. ऐसा मिथेनडाइनोन के एक या दो टैबलेट लेने से हो सकता है ना कि पानी में पाउडर के तौर पर मिला कर लेने से.  
 
यह तमाम तर्क नजरिया कनाडा की प्रोफेसर क्रिस्टियान अयोटे ने दिए हैं. जो कि वाडा से मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला की निदेशक हैं. बता दें कि कैस ने नरसिंह के मुकाबले से कुछ घण्टे पहले ही उन पर डोपिंग के आरोप में चार साल का प्रतिबन्ध लगा दिया था.