रियो डी जेनेरियो. निक्की हैम्बलिन नाम की उस महिला खिलाड़ी से तो आप परीचित होंगे ही जो रियो ओलंपिक में एक स्पर्धा के दौरान गेम बीच में ही छोड़ साथी खिलाड़ी को चोटिल हुआ देख उसकी मदद करने में जुट गयी थी. निक्की हैम्बलिन की इस खेल भावना की तारीफ दुनिया भर में हुई थी और इतना ही नही उन्हें इंटरनेशनल ओलम्पिक कमेटी ने एक खास अवार्ड से भी नवाजा है. 
 
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न्यूजीलैंड की हैम्बलिन को  ‘Pierre de Coubertin’ नाम के ख़ास अवार्ड से नवाजा जाएगा. इंटरनेशनल फेयर प्ले कमेटी आवर्ड के नाम से भी पहचाने जाने वाला यह अवार्ड ओलंपिक के इतिहास में अब तक सिर्फ 17 बार ही किसी को दिया गया है. यह अवार्ड उन्ही खिलाड़ियों को दिया जाता है जो वास्तव में खेल भावना का प्रदर्शन करते हैं. 
 
दरअसल निक्की हैबलिन 5,000 मीटर रेस के दौरान एब्बेय डीअगोस्तीनो (Abbey D’Agostino) के चोटिल होने पर जेम बीच में ही छोड़ उनकी मदद करने में जुट गयी थीं. उस दौरान एब्बेय डीअगोस्तीनो ने निक्की को अपनी रेस जारी रखने के लिए कई बार कहा लेकिन निक्की ने रेस तब तक शुरू नहीं की जब तक कि एब्बेय डीअगोस्तीनो की मदद के लिए व्हील चेयर ग्राउंड पर नहीं आई. 
 
निक्की द्वारा खेल भावना के इस प्रदर्शन ने दुनिया भर का दिल जीत लिया था. निक्की को इस आवर्ड से शनिवार को नवाजा गया था. इस पर निक्की का कहना था कि अवार्ड पाकर मैं खुश हूं. यहां लोग सालों की मेहनत से तैयारी कर अपने देश के लिए मेडल जीतने आते हैं लेकिन हमे यह नहीं भूलना चाहिए कि यह सफर भी अपने आप में महत्वपूर्ण है. यह पल मेरे जीवन का सबसे खूबसूरत पल रहेगा.