रियो डी जेनेरियो. रियो ओलंपिक से भारत के लिए राखी का दिन जितना ही खुशी वाला रहा, रात उतनी ही काली खबर लेकर आई. भारतीय पहलवान नरसिंह पंचम यादव को डोपिंग के तहत दोषी पाया गया और उन्हें चार साल के लिए बैन कर दिया गया है.
 
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इसके साथ ही पहलवान नरसिंह रियो ओलंपिक में मेडल का सपना, सपना ही रह गया. अब वो रियो ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले पाएंगे. ब्राजील के कैस (कोर्ट ऑफ ऑर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्टस, CAS) की एक अदालत ने करीब चार घंटे लंबी बहस के बाद ये फैसला सुनाया.
 
CAS ने नाडा के फैसले को खारिज करते हुए फैसला सुनाया कि उनके खाने या पीने में मिलावट की बात सही नहीं है. अदालत ने नरसिंह के उस तर्क को भी मानने से इनकार कर दिया की उनके साथ साजिश हुई है. क्योंकि इसे साबित करने के लिए नरसिंह यादव के पास कोई सबूत नहीं है. इसी तर्क को देखते हुए नाडा ने उन्हें ओलंपिक में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी.
 
बता दें कि वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (WADA) ने नरसिंह यादव को क्लीन चिट दिए जाने के फैसले पर नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) के खिलाफ CAS में अपील दायर की थी.
 
भारतीय पहलवान नरसिंह यादव के लिए आज का दिन बेहद अहम होने वाला था. रियो ओलंपिक में उन्हें कुश्ती के 74 किलो भारवर्ग के मुकाबलों में हिस्सा लेना था. लेकिन इस फैसले के साथ ही उनके सारे अरमान धरे के धरे रहे गए. कैस ने नरसिंह पर चार साल का बैन लगा दिया है. अब नरसिंह को आज होने वाले पहले मैच से पहले ही ओलंपिक खेलगांव छोड़ना होगा.