ज्युरिख. फीफा के अध्यक्ष पद पर लगातार पांचवी बार जीत दर्ज करने के बाद फीफा अध्यक्ष सेप ब्लाटर ने अमेरिका और यूरोपीय देशों पर तीखा हमला बोला है. अमेरिका ने फीफा चुनाव के दो दिन पहले पहले भ्रष्टाचार के आरोप में फीफा के 2 उपाध्यक्ष समेत कुल 7 अधिकारियों को गिरफ्तार किया है.

ब्लाटर ने कहा कि वो अमेरिकी न्यायपालिका द्वारा फीफा को निशाना बनाने के तौर-तरीके से चकित हैं. उन्होंने कहा कि फीफा अधिकारियों की गिरफ्तारी फीफा के कामकाज में दखल है. ब्लाटर ने यूरोपीय फुटबॉल फेडरेशन को भी निशाने पर लिया और कहा कि ये लोग फीफा को बदनाम करने में लगे हुए हैं.

ब्लाटर ने फीफा अधिकारियों के खिलाफ अमेरिका कार्रवाई पर स्विटजरलैंड के एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा, “मुझे पता नहीं लेकिन इसमें गड़बड़ है.” उन्होंने कहा कि अमेरिका 2022 के विश्व कप फुटबॉल की मेजबानी का दावेदार था और हार गया. उन्होंने कहा कि फीफा अध्यक्ष पद के चुनाव में उनके खिलाफ खड़े जॉर्डन के प्रिंस अली बिन अल हुसैन का नंबर वन स्पांसर अमेरिका था.

फीफा अध्यक्ष के चुनाव में जॉर्डन के प्रिंस को अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया समेत तमाम यूरोपीय देशों के वोट मिले लेकिन वो जीत नहीं सके इसलिए दूसरे राउंड की वोटिंग से पहले चुनाव से हट गए.

फीफा अध्यक्ष पद पर ब्लाटर की जीत के बाद ब्रिटेन फुटबॉल के प्रमुख ने कहा है कि वो यूरोपीय देशों द्वारा विश्व कप फुटबॉल के बहिष्कार का प्रस्ताव आने पर उसका समर्थन करेंगे. यूरोपीय फुटबॉल फेडरेशन की 6 जून को बैठक हो रही है जिसमें फीफा को लेकर कुछ कड़े या बड़े फैसले हो सकते हैं.

अमेरिका ने अभी तक फीफा के दो उपाध्यक्ष समेत 7 अधिकारियों को गिरफ्तार किया है. अमेरिकी जांच एजेंसियों ने 14 लोगों को आरोपी बनाया है जिन पर फुटबॉल के मीडिया राइट्स देने में 150 मिलियन डॉलर की घूसखोरी का आरोप है. अमेरिकी जांच अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं.