नई दिल्ली. हॉकी के सुपरस्टार और 1980 के मॉस्को ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीत चुकी हॉकी टीम के मेंबर रहे मोहम्मद शाहिद के पार्थिव शरीर को आज वारणसी में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा.
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
बता दें कि 56 साल के शाहिद ने बुधवार को गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में अपनी आखिरी सांस ली. शाहिद पिछले कुछ दिनों से लीवर और किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे. 
 
 
19 साल की उम्र से खेला इंटरनेशनल हॉकी 
शाहिद 19 साल की उम्र में इंटरनेशनल हॉकी खेलने लगे थे. उनका पहला इंटरनेशनल मैच फ्रांस के खिलाफ जूनियर वर्ल्ड कप में था. इसके अलावा शाहिद 1982 के एशियन गेम्स में रजत पदक और 1986 के एशियाड खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम का भी हिस्सा थे. 
 
Stay Connected with InKhabar | Android App | Facebook | Twitter
 
बेहतरीन ‘ड्रिब्लर’ के रूप में याद 
1981 के अर्जुन अवार्ड विजेता शाहिद हॉकी के बाद रेलवे में नौकरी पाने में कामयाब रहे थे. मोहम्मद शाहिद देश की ओर से हॉकी खेलने वालों में बेहतरीन ‘ड्रिब्लर’ के रूप में याद किए जाते हैं.