नई दिल्ली. मैं भी विराट बनना चाहता हूं, जी हां, यही कहना है कि काशिगा स्कूल देहरादुन के बच्चों का. इस स्कूल का हर एक बच्चा विराट कोहली ही बनना चाहता है. आखिर हों भी क्यों न, क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में कोहली का दबदबा जो कायम है.
 
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थोड़े ही समय में विराट ने लोगों ने को अपना इस कदर दिवाना बना दिया कि बच्चे से लेकर बुढ़े तक की जुबान पर उनका ही नाम है. आज उनकी तुलना सचिन और सर डॉन ब्रेडमैन से हो रही है.
 
विराट ही आइकन क्यों?
विराट की खूबियों की बात करें तो उन्होंने टी-20 में सबसे ज्यादा 29 छक्के लगाए हैं. 2016 में 34 पारियों में उन्होंने 1,979 रन बनाए हैं. 2016 में शतक की बात करें तो वन-डे और आईपीएल मिलाकर उनके नाम कुल 6 शतक हैं और यह वजह है कि वे खेल की दुनिया के तीसरे सबसे महंगे ब्रांड बन गए हैं.
 
वहीं यह भी भारत के लिए गर्व की बात है कि स्पोर्ट्स प्रो मीडिया के सर्वे में वे टॉप 50 क्रिकेटरों की लिस्ट में शामिल हैं. कोहली की तारीफ में तो शिखर ने यहां तक कह दिया है कि वे भी विराट की तरह खेलना चाहते हैं. इंडिया न्यूज के खास शो ‘रनयुद्ध’ में देखिए मैं भी विराट बनना चाहता हूं.
 
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