नई दिल्ली: दिग्गज एथलीट मिल्खा सिंह ने रियो ओलंपिक एम्बेस्डर मामले में सलमान खान के बचाव में आए उनके पिता सलीम खान के बयान पर पलटवार किया. मिल्खा सिंह ने कहा कि उन पर फिल्म बनाकर बॉलीवुड ने उन पर कोई अहसान नहीं किया है. सलीम खान ने सोमवार को भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) द्वारा सलमान खान को इस साल रियो ओलिंपिक में भारत का गुडविल एम्बेस्डर बनाए जाने के फैसले के खिलाफ हो रही आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए अपने बेटे का बचाव करने की कोशिश की थी.
 
योगेश्वर दत्त ने शुरू की विरोध की चिंगारी
ओलिंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त, मिल्खा सिंह सहित खेल जगत के कई दिग्गजों ने आईओए के इस फैसले की आलोचना की है. अपने बेटे सलमान के पक्ष में सलीम खान ने सोमवार को एक ट्वीट में कहा था, ‘मिल्खा जी, यह बॉलीवुड नहीं बल्कि भारतीय फिल्म जगत है, जो विश्व भर में व्यापक रूप से विख्यात है. यह वही फिल्म जगत है, जिसने आपकी धूमिल हो रही छवि को फिर से लोगों के सामने उजागर किया.’ सलीम खान, मिल्खा सिंह के जीवन पर बनी फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ का जिक्र कर रहे थे.
 
‘एम्बेस्डर की क्या जरूरत?’
सलीम के इस बयान की प्रतिक्रिया में मिल्खा ने अपने दो दिन पुराने बयान को फिर से दोहराया. मिल्खा ने कहा, ‘उन्हें (सलीम) अपने विचार पर कायम रहने दें. मेरे पास इस संबंध में कहने के लिए कुछ नहीं है. मैंने इस बारे में अपने विचार साझा कर दिए हैं. ओलिंपिक जगत के सभी सदस्य हमारे एम्बेस्डर हैं.’ मिल्खा ने कहा, ‘आईओए को सोचना चाहिए कि एम्बेस्डर की क्या जरूरत है? जो भी टीम ओलिंपिक में हिस्सा लेने जा रही है, उसके सभी सदस्य एम्बेस्डर हैं. भारत के 120 करोड़ की आबादी में से ये खिलाड़ी हमारे एम्बेस्डर हैं, तो हमें किसी और एम्बेस्डर की क्या जरूरत?’
 
‘एक रुपये में दी थी मैंने अपनी कहानी’
मिल्खा ने कहा, ‘किसी और को इस पद पर नियुक्त करने का कोई तुक नहीं है. अगर किसी एम्बेस्डर की जरूरत है, तो हमारे पास सचिन तेंदुलकर, पी.टी. ऊषा, अजीतपाल सिंह, राज्यवर्धन सिंह राठौर जैसी खेल हस्तियां हैं.’ उन्होंने कहा, ‘यह अच्छी बात है कि उन्होंने मेरे जीवन पर फिल्म बनाई, लेकिन मुझे नहीं लगता कि ऐसा करके फिल्म जगत ने मुझ पर कोई अहसान किया है. मैंने अपनी कहानी एक रुपये में दी थी और यह कोई छोटी चीज नहीं है. अगर उनका (फिल्म जगत के लोगों का) कोई कार्यक्रम हो, तो क्या वो किसी खिलाड़ी को अध्यक्ष या एम्बेस्डर बनाएंगे?’