नई दिल्ली. क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर आज अपना 43वां जन्मदिन मना रहे हैं. 24 अप्रैल साल 1973 को जन्मे सचिन की जिंदगी के लिए 24 तारीख काफी महत्वपूर्ण है. 24 फरवरी साल 2010 में सचिन ने ग्वालियर के कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम में पहली बार वनडे क्रिकेट का दोहरा शतक लगाकर नई परंपरा की शुरुआत की थी. उनके पहले किसी ने भी यह चमत्कार नहीं किया था. उनके बाद पिछले 6 सालों में अब तक कुल 6 दोहरे शतक लग चुके हैं.
 
सचिन के रिकॉर्ड्स
 
सचिन तेंदुलकर क्रिकेट का चेहरा हैं. अपने 23 साल के वनडे करियर में मास्टर ब्लास्टर ने कई नए रिकॉर्ड बनाए और कई पुराने रिकॉर्ड तोड़े हैं. सचिन ने अपने करियर में कुल 463 वनडे मैच खेले हैं. जिनमें 49 शतकों के साथ 96 अर्धशतक भी शामिल है. वनडे में 21,367 गेंदों में 18,426 रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी सचिन के ही नाम है.
 
सचिन ने एशिया कप के दौरान बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए मैच में गेंदबाज साकिब अल हसन की गेंद पर एक रन लेने के साथ ही 100 शतकों बड़ा मुकाम हासिल किया. टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा (51) शतक बनाने का रिकॉर्ड भी क्रिकेट के इस भगवान के नाम ही है. 
 
तेंदुलकर ने अपने करियर का पहला मैच पाक के खिलाफ 15 नवंबर, 1989  को खेला था. और अंतिम वनडे पारी भी पाकिस्तान के खिलाफ 18 मार्च 2012 को एशिया कप में खेली थी. इस पारी में सचिन ने 52 रन बनाए थे जिसमें भारत ने पाक टीम को 6 विकेट से हराया था. सचिन के 49 वनडे शतकों में भारत को 33 मैचों में जीत मिली. जिन मैचों में सचिन ने शतक लगाया और भारत को जीत मिली उसमें उनका औसत और स्ट्राइक रेट दोनों ही बेहतर रहा. इन मैचों में उनका औसत 56.63 जबकि स्ट्राइक रेट 90.31 रहा जो उनके करियर के औसत और स्ट्राइक रेट से भी ज्यादा था.
 
सन्यास की घोषणा
 
23 दिसम्बर 2012 को सचिन ने वन-डे क्रिकेट से संन्यास लेने घोषणा कर दी. लेकिन उससे भी बड़ा दिन तब आया जब उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से भी संन्यास लेने की घोषणा की. इस अवसर पर उन्होंने कहा, ‘देश का प्रतिनिधित्व करना और पूरी दुनिया में खेलना मेरे लिये एक बड़ा सम्मान था. मुझे घरेलू जमीन पर 200 वां टेस्ट खेलने का इन्तजार है. जिसके बाद मैं संन्यास ले लूँगा’. उनकी चाहत के अनुसार उनका अन्तिम टेस्ट मैच वेस्टइण्डीज के खिलाफ मुम्बई के वानखेड़े स्टेडियम में ही खेला गया. और जैसा उन्होंने कहा था वैसा ही किया भी. 16 नवम्बर 2013 को मुम्बई के अपने अन्तिम टेस्ट मैच में उन्होंने 74 रनों की पारी खेली. मैच का परिणाम भारत के पक्ष में आते ही उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया.
 
सचिन इस समय राज्यसभा के सदस्य हैं. सचिन के जीवन की कहानी कई लोगों को प्रेरित करती है. इसलिए भारतीय सिनेमा बहुत ही जल्द सचिन के जीवन को बड़े पर्दे पर लाने की तैयारी कर रहा है.