नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम से संन्यास ले चुके दिग्गज बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग और उनके पूर्व साथी सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने शनिवार को दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के पूर्व अध्यक्ष अरुण जेटली के प्रति समर्थन व्यक्त किया है.
 
जेटली डीडीसीए में बतौर अध्यक्ष 13 साल के अपने कार्यकाल के दौरान हुई वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों का सामना कर रहे हैं और दिल्ली सरकार ने हाल ही में इसकी जांच के आदेश दिए हैं. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डीडीसीए में हुई गड़बड़ियों के चलते जेटली से केंद्रीय वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा देने की मांग की है.
 
सहवाग ने ट्वीट किया, “डीडीसीए में किसी अन्य अधिकारी से बात करना बेहद मुश्किल होता था, लेकिन जेटली किसी भी तरह की परेशानी पड़ने पर हमेशा खिलाड़ियों के साथ होते थे.”
 
सहवाग ने कहा, “जब तक मैं क्रिकेट में सक्रिय था अगर मुझे किसी खिलाड़ी के ‘आश्चर्यजनक’ तरीके से चयनित होने का पता चलता था तो मुझे सिर्फ अरुण जेटली को सूचित करना होता था और जेटली तत्काल गलती सुधारते और योग्य खिलाड़ी के साथ न्याय करते थे.”
 
बता दें कि पूर्व दिग्गज स्पिन गेंदबाज बिशन सिंह बेदी ने भी दिल्ली सरकार के आरोपों का समर्थन किया है, लेकिन गंभीर का कहना है कि जेटली ने अपने कार्यकाल के दौरान क्रिकेट के विकास के लिए काफी कुछ किया है.
 
गंभीर ने भी ट्वीट किया, “कुछ पूर्व खिलाड़ियों द्वारा डीडीसीए में हुई हर तरह की गड़बड़ी के लिए अरुण जेटली पर आरोप लगाना हैरान करने वाला है.”
गंभीर ने आगे ट्वीट किया, “डीडीसीए में हुए भ्रष्टाचार के लिए जेटली को दोषी ठहराना पूरी तरह गलत है. उन्हीं की वजह से करदाताओं का रुपया लिए बगैर दिल्ली को एक अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम मिला.”
 
घरेलू क्रिकेट में दिल्ली के लिए खेलने वाले तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ने भी ट्वीट कर जेटली के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया.
इशांत ने लिखा, “अरुण जेटली से मैं जब भी मिला और बातचीत की, वह मुझे हमेशा मददगार, निष्पक्ष और दयालु नजर आए.”