नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भारत के सबसे सफल सलामी बल्लेबाजों में से एक वीरेंद्र सहवाग को उनके तमाम योगदान के लिए सम्मानित किया. सहवाग ने इस साल 20 अक्टूबर को क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच शुरू हुए चौथे टेस्ट मैच के पहले दिन टॉस के बाद सहवाग अपने पूरे परिवार के साथ मैदान में पहुंचे. उनके साथ उनकी मां, दो बच्चे और पत्नी थीं.

 
सहवाग को सम्मान के लिए दिल्ली एवं जिला क्रिकेट बोर्ड (डीडीसीए) ने अंबेडकर स्टेडियम छोर का नाम बदलकर- वीरू 319 छोर- रखा है. छोर के नाम में यह बदलाव सिर्फ इसी मैच के लिए है.

 
सहवाग ने भारत के लिए 15 साल के करियर में 104 टेस्ट खेलते हुए 8586 रन बनाए. इसके अलावा सहवाग ने 251 वनडे मैचों में 8273 रन जुटाए. टेस्ट मैचों में सहवाग के नाम 23 और वनडे मैचो में 15 शतक हैं. सहवाग वनडे मैचों में दोहरा शतक लगाने वाले गिने-चुने खिलाड़ियों में शामिल हैं. इसके अलावा वह टेस्ट मैचों में दो तिहरे शतक लगाने वाले चार खिलाड़ियों में से एक हैं.
 
टेस्ट में सहवाग ने 40 और वनडे मैचों में 90 विकेट लिए. इसके अलावा सहवाग ने भारत के लिए 19 टी-20 मैच खेले और 394 रन बनाए. 2011 में विश्व कप जीतने वाली टीम के सदस्य रहे सहवाग ने अपना अंतिम टेस्ट 2 मार्च, 2013 को हैदराबाद में आस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था जबकि वनडे टीम के लिए वह अंतिम बार 2013 में कोलकाता में पाकिस्तान के खिलाफ खेले थे.