नई दिल्ली. पहली बार किसी टेस्ट मैच का आयोजन करे रहे हाईकोर्ट के जज मुकुल मुद्गल ने इसे एक ‘दिलचस्प अनुभव’ बताते हुए कहा कि इस टेस्ट की निगरानी को लेकर वह ऐसा महसूस कर रहे हैं कि जैसे बेटी की शादी’ हो.
 
बता दें मैच के आयोजन को लेकर उनसे अनुभव के बारे पूछे जाने पर उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘यह लगभग मेरी बेटी की शादी की जैसा है. असल में मेरी बेटी नहीं है, लेकिन मैं जानता हूं कि शादी से पहले लड़की के माता-पिता को किस स्थिति से गुजरते हैं. और वो भी तब जबकि हाईकोर्ट के आदेश के बाद हमारे पास बहुत कम समय है. हो सकता है कि हमारी कुछ कमजोरियां होंगी, लेकिन इस अनुभव से हम समझदार बनेंगे.’ 
 
साथ ही उन्होंने बतया कि इसमें ‘लगभग 8250 बच्चों, जिनमें मूक बधिर बच्चे भी शामिल हैं, और इन बच्चों के लिए फ्री टिकट, परिवहन और फ्री खाने पीने की व्यवस्था है. लेकिन हमने अपने लिए टिकट खरीदे हैं. रिपोर्ट के अनुसार डीडीसीए ने इस बार स्टेडियम के अधिकार 2.05 करोड़ रुपये में बेचकर रिकॉर्ड बनाया है.