नई दिल्‍ली. भले ही BCCI(भारतीय क्रिकेट बोर्ड) ने पाकिस्तान के साथ श्रीलंका में वन-डे और टी20 सीरीज खेलने की घोषणा कर दी हो लेकिन इसके अभी भी आयोजित होने की कोई गारंटी नहीं है. बता दें कि सरकार की हरी झंडी के बिना यह मुमकिन नहीं है और सीमा पर जारी तनाव के मद्देनज़र सरकार इससे इनकार कर सकती है.
 
जुर्माने से बचने के लिए की गई है घोषणा
सूत्रों की माने तो भारत-पाक सीमा पर सीजफायर का उल्लंघन और कश्मीर में बढ़ती आतंकवादी गतिविधि ने सरकार को ऐसा फैसला लेने पर मजबूर किया है. भारत और पाकिस्तान के बीच सचिव स्तर की बातचीत भी बंद है. दरअसल भारत और पाकिस्तान बोर्ड के बीच एन. श्रीनिवासन के वक्त में एक करार हुआ था. इसमें लिखा था कि भारतीय टीम पाकिस्तान के साथ संयुक्त अरब अमीरात या किसी अन्य मुल्क में मैच खेलने के लिए तैयार है. 
आज इस सीरीज की घोषणा करने का आखिरी दिन था. इस करार की वजह से पाकिस्तान बोर्ड, भारतीय बोर्ड पर लगातार दबाब बना रहा था. अगर इस सीरीज की घोषणा नहीं होती तो पाकिस्तान भारत को अंतरराष्ट्रीय अदालत में घसीटने और 300 से 500 करोड़ का हर्जाना देने की धमकी भी दे रहा था. ऐसे में भारतीय बोर्ड भारत-पाक सीरीज की घोषणा कर किसी तरह पाकिस्तान की कार्रवाई से बच गया.
 
सरकार अनुमति नहीं देगी BCCI को पता था!
बीसीसीआई को मालूम है कि मौजूदा माहौल में सरकार किसी भी हालत में भारत-पाकिस्तान सीरीज की अनुमति नहीं देगा. मैच खेलने के लिए विदेश मंत्रालय को अनुमति देनी है, क्योंकि मैच श्रीलंका में होने वाले हैं. वैसे भारत-पाकिस्तान सीरीज के लिए ब्रॉडकास्‍टर यानि मैच प्रसारित करने वाले चैनल का भी बीसीसीआई पर काफी दबाब है. इसके पक्षधर कहते हैं कि अगर भारत-पाकिस्तान वर्ल्ड कप में खेल सकते हैं तो श्रीलंका में क्यों नहीं? मगर सरकार इन दलीलों को फिलहाल मानने से इंकार कर रही है और दिसंबर में श्रीलंका में होने वाली भारत-पाक सीरीज को रद्द ही माना जाना चाहिए.