नई दिल्ली: आरुषि मर्डर केस में इलाहबाद हाईकोर्ट ने तलवार दंपति की रिहाई का फैसला सुनाया लेकिन गाजियाबाद की विशेष सीबीआई अदालत के जज के केस को हैंडल करने के तौर तरीके पर भी सवाल खड़े कर दिए. हाई कोर्ट ने कहा कि विशेष जज ने मानों पहले से ही मन बना लिया था कि वो क्या करेंगे फिर एक फिल्म निर्देशक की तरह वो किरदारों के इर्द गिर्द कहानी बुनते चले गए. विशेष जज ने 26 आधार बनाकर आरुषि के मम्मी पापा को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. जिसपर हाईकोर्ट ने तल्ख अंदाज़ में कहा कि तलवार दंपति को उम्रकैद अनुमान के आधार पर सुनायी गई और देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री पर इलाहबाद हाईकोर्ट ने विशेष जज को ही जमकर फटकार लगाई.
 

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