नई दिल्ली: नौ दिन पहले इस स्कूल की चारदीवारी के पीछे जो कुछ भी हुआ आजतक वो एक राज है. एक ऐसी मिस्ट्री है जिसके सामने आने का हर किसी को इंतजार है. हर कोई जानना चाहता है दूसरी क्लास मे पढ़ने वाले सात साल के प्रद्युम्न की हत्या का सच. वो सच जो अब तक अंधेरे में है. वो सच जिस पर हर किसी को यकीन हो सके. क्योंकि हरियाणा पुलिस की जांच और रेयान स्कूल के जवाबों ने प्रद्युम्न की मौत से जुड़े सवालों को सुलझाने की बजाए और भी ज्यादा उलझा दिया है.
 
इस मामले में हर रोज नई नई थ्योरी सामने आ रही हैं और हर थ्योरी दूसरी थ्योरी को झुठला रही है. उस पर सवाल खड़े कर रही है. ऐसे में पूरे देश को दहला देने वाले इस कांड की तहकीकात सीबीआई को सौंपी गई है और अब सीबीआई परत दर परत इस पूरे मामले की जांच करेगी.
 
स्पेशल करसपॉन्डेंट में आज हम आपको दिखाएंगे प्रद्युम्न के कत्ल की वो सभी थ्योरी जो सवालों के घेरे में है और उन तममा थ्योरी की कड़ियों को जोड़ कर कैसे सीबीआई प्रद्युम्न के कत्ल के राज को करेगी बेपर्दा.
 
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने प्रद्युम्न के कत्ल के मामले की जांच सीबीआई से कराने के आदेश दे दिए हैं और ऐसे में हर किसी को ये उम्मीद है कि सीबीआई की जांच में प्रद्युम्न के कत्ल की असली वजह का खुलासा हो जाएगा. उसके असल कातिल का चेहरा बेनकाब हो जाएगा. लेकिन सीबीआई के लिए प्रद्युम्न के हत्यारे तक पहुंचना इतना आसान नहीं वो इसलिए क्योंकि पिछले नौ दिन की जांच में हरियाणा पुलिस ने जिस थ्योरी के तहत इस पूरे मामले की जांच की उसमें कई पेंच हैं.
 
अभी तक मामले की जांच में जुटी हरियाणा पुलिस की थ्योरी कहती है कि  8 सितंबर के दिन आरोपी कंडक्टर अशोक बच्चों के टॉयलेट में मौजूद था.उसी दौरान उसने मासूम प्रद्युम्न को अकेले देखा तो उसने उसके साथ कुकर्म करने की कोशिश की. प्रद्युम्न ने शोर मचाया तो उसने चाकू से उसका गला रेंत दिया. लेकिन पुलिस की इस कहानी पर खुद कंडक्टर अशोक का बयान ही सवालिया निशान खड़ा करता है. क्योंकि कंडक्टर प्रद्युम्न के साथ कुकर्म की कोशिश की बात से ही इंकार कर रहा है उसका कहना है कि वो अकेले ही गलत काम कर रहा था, प्रद्युम्न ने उसे देख लिया, वो किसी को कुछ बता ना दे इस डर से उसने उसका गला काट दिया.
 
पुलिस की कहानी कुछ ओर कहती है और कंडक्टर का खुलासा कुछ और ऐसे में सवाल ये है कि सच क्या है. इसके अलावा प्रद्युम्न की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी पुलिस की थ्योरी पर सवाल खड़े करती है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि प्रद्युम्न के साथ कुकर्म नहीं हुआ.
 
पुलिस का दावा है कि प्रद्युम्न का कातिल कंडक्टर अशोक ही है और कोई और इसमें शामिल नहीं लेकिन प्रद्युम्न के घरवालों को भी पुलिस की ये थ्योरी समझ में नहीं आ रही. उनका कहना है कि प्रद्युम्न ना तो बस से स्कूल जाता था और ना ही वो कंडक्टर अशोक को जानता था. ऐसे में वो उसका कत्ल क्यों करेगा ये बात समझ में नहीं आती.
 
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आरोपी कडंक्टर अशोक का खुलासा पुलिस की थ्योरी पर सवाल खड़े करते हैं. ऐसे में सीबीआई के सामने सबसे बड़ी चुनौती  कत्ल की असली वजह का पता लगाना है. क्य़ोंकि अभी तक की जांच में कत्ल के मकसद की कहानी बेहद उलझी हुई है और जब तक कत्ल की असली वजह साफ नहीं होगी तब तक कातिल का चेहरा भी बेनकाब नहीं होगा.