नई दिल्ली : हर मां-बाप चाहते हैं कि वो अपने बच्चे को बेहतर से बेहतर सुविधा दें. हिंदुस्तान में आजकल युवाओं पर सुपरबाइक्स का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है और अधिकतर युवाओं की ये ख्वाहिश पूरी भी हो जाती है, लेकिन जो मां-बाप अपने बच्चों के शौक को पूरा करने के लिए दिन रात एक कर देते हैं उनके हिस्से में अक्सर बच्चों की मौत का मातम ही आता है. रफ्तार और रोमांच का ये कॉकेटल कितने ही बच्चों का कत्ल कर चुका है और ये सिलसिला लगातार जारी है.
 
दिल्ली में 14 अगस्त की रात को 24 साल का हिमांशु बंसल अपने घर से मां को ये बोलकर निकला था कि वो अभी कुछ सामान लेकर आ रहा है, लेकिन वो लौटता लाश बनकर है. सेंट्रल दिल्ली के बेहद व्यस्त इलाकों में से एक मंडी हाउस पर 150 की रफ्तार में उसकी सुपरबाइक का एक्सीडेंट होता है और हिमांशु की मौत हो जाती है. ये पूरा हादसा हिला देने वाला है. ये पूरे हिंदुस्तान के लिए एक बड़ी चेतावनी है.
 
हिमांशु और उसकी बाइक इस एक मिनट 17 सेकंड के मौत के वीडियो में 40 सेकंड के लिए आए. दरअसल हिमांशु की रफ्तार और उसके चलाने का तरीका दोनों ही जानलेवा थे जो वीडियो में साफ साफ दिख रहा है. ये वीडियो देश के हर नौजवान के लिए एक सबक है जो कुछ मिनट के रोमांच के लिए अपनी जान दांव पर लगा देते हैं और पीछे छोड़ जाते हैं अपने घरवालों को मातम मनाने के लिए. 
 
हिमांशु के घरवालों को पता भी नहीं था कि उसे रफ्तार का इस कदर जुनून है. यही हाल हिंदुस्तान के लगभग हर उस घर का है जिसमें नौजवानों के पास बाइक या सुपर बाइक है. घरवालों को पता ही नहीं कि घर से बाहर बेटा क्या कर रहा है. बेटे का शौक पूरा करने के लिए हिमांशु के पिता ने उसे लाखों की सुपरबाइक तो दिला दी थी, लेकिन उन्हें भनक तक नहीं थी कि बेटे को वो मौत की मोटरसाइकिल दिला रहे हैं.
 
(वीडियो में देखें पूरा शो)