नई दिल्ली: तिरंगा जिनके लिए है शान-ए-जिंदगी. आज हम आपको भारत के उस सुरक्षा प्रहरी के बारे में बताएंगे. जिसने हर जंग में दुश्मन के दांत खट्टे किए. इस काल को देखकर पाकिस्तान जहां पनाह मांगने लगता है. वहीं, ये गर्जना चीन के घमंड को चूर-चूर करने वाला है. किग ऑफ बैटल्स यानी टैंक. इन टैंकों ने पाकिस्तान को धूल चटा दिए थे.
 
पाकिस्तान जब कभी कश्मीर की ओर अपने नापाक कदम बढ़ाने की हिमाकत करता है . तो सरहद पर टी 90 और टी 72 जैसे काल को देखते ही उसे कराची की फिक्र सताने लगती है. लेकिन अब इस काल को वो चीन भी देख ले.
 
जो गाहे-बगाहे 62 की जंग के नाम पर हिंदुस्तान को गीदड़ भभकियां देने से बाज नहीं आता है. भारत की सीमा चाहे एलओसी और एलएसी पर भारत के सामने इन दिनों कई चुनौतियां हैं. लेकिन टैंक की ताकत हर चुनौती से निपटने में सक्षम है. ये टैंक हर हालात से निपटने में सक्षम है.
 
ये टैंक हमें भले ही हमारे दोस्त रूस ने दिए हों. लेकिन हिंदुस्तान और हिमालय के संगत से अब ये अपराजेय बन चुके हैं. टी 72 और टी 92 ये दो ऐसे टैंक हैं. जो दुश्मनों को नाके चने चबाने को मजबूर कर देते हैं. ये टी 72 टैंक है. ये दोनों टैंक भारत ने रूस से लिए थे.
 
हालांकि, भारत ने इसमें कई देसी बदलाव किए हैं. भारत अब खुद अर्जुन और दूसरे टैंक बना रहा है . इनकी ताकत और खूबियों के चलते पीठ-पीछे वार करने से पहले भी हिंदुस्तान के दुश्मन हजार बार सोचते हैं. ये भारतीय सेना की टैंक की ताकत है. जिसे आप देख रहे हैं. जिसमें टी 72 और टी 90 जैसे टैंक हैं.
 
ये टैंक दुश्मनों के छक्के छुड़ा देते हैं. ये जब चलते हैं तो दुश्मनों के कलेजे को कंपा देते हैं. टी 90 मिसाइल भी लॉन्च कर सकता है. टी 72 ऐसा नहीं कर सकता है. टी 90 रात के अंधेरे में भी दुश्मनों को बर्बाद करने की क्षमता रखता है. भविष्य के युद्ध भले ही तकनीक के बूते लड़े जाने का दावा किया जाता हो. लेकिन उस हालत में भी ये टैंक हिंदुस्तान के दुश्मनों के लिए महाकाल ही साबित होने वाले हैं.
 
माना जाता है कि आगे जब भी युद्ध होगा तो न्यूक्लियर और केमिकल वेपन से होगा. इन सबके बीच आपके पास टैंक की ताकत होना जरूरी है. क्योंकि इन टैंकों की मदद से आप दुश्मनों के न्यूक्लियर और केमिकल वेपन से न सिर्फ मुकाबला कर सकते हैं. आज हम आपको टी 90 और टी 72 के बारे में दिखा रहे हैं. दिखा रहे हैं कि जंग के मैदान में ये कैसे काम करते हैं.