नई दिल्ली: 8 नवंबर को सरकार द्वारा हुए नोटबंदी के फैसले के बाद से मचा बवाल खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. इसी मुद्दे कल भारत बंद और आक्रोश दिवस के बाद आज भी सियासत गर्म है.
 
हालांकि विपक्ष के भारतबंद और आक्रोश मार्च को जनता का बहुत सहयोग नहीं मिला, लेकिन पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पूरे जोश में हैं. ममता बनर्जी ने कल कोलकाता में ऐलान किया था कि वो पीएम मोदी को राजनीति से बाहर कर ही दम लेंगीं. 
 
अपने इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए ममता बनर्जी आज लखनऊ में हैं. ममता जब लखनऊ एयरपोर्ट पहुंची तो यूपी के सीएम अखिलेश यादव उनका स्वागत करने पहुंचे थे. लेकिन आज ममता की रैली से उन्होंने किनारा कर लिया. इसके बावजूद भी ममता ने अकेले ही मोदी सरकार पर हमला बोला.
 
इधर संसद में भी नोटबंदी पर हंगामा बदस्तूर जारी रहा. राज्यसभा में विपक्ष ज्यादा आक्रामक दिखाई दे रहा है. ये और बात है कि इसी हंगामे के बीच लोकसभा में इनकम टैक्स संशोधन विधेयक पास हो गया. दूसरी तरफ RBI की नई गाइडलाइन जारी करके जनता को थोड़ी राहत दी है. 
 
RBI की इस नई गाइडलाइन के तहत हफ्ते में 24 हजार रुपए निकालने की सीमा कुछ शर्तों के साथ बढ़ा दी गई है. लेकिन बड़ा सवाल ये है कि नोटबंदी पर एकजुटता का दावा करने वाली विपक्षी पार्टियां आंदोलन में एक साथ खड़ी क्यों नहीं हो पा रही हैं ?