नई दिल्ली. दशहरे पर ‘पाकिस्तानी रावण’ के दस सिर सारी दुनिया के सामने बेनकाब हो चुके हैं. ये वो दस चेहरे हैं जिन्होंने पाकिस्तान को ना सिर्फ पूरी दुनिया में अलग-थलग कर डाला है बल्कि पाकिस्तान पर आतंकी मुल्क घोषित होने का खतरा भी मंडराने लगा है. कलयुग के रावण बन चुके पाकिस्तान के ये दसों चेहरे पाकिस्तान की तबाही की असल वजह हैं.
 
‘पाकिस्तानी रावण’ का पहला सिर हाफिज़ सईद
भारत और पाकिस्तान में एक्टिव सबसे खतरनाक आतंकी संगठन लश्कर ए तैय्यबा का आका है हफिज़ सईद. हाफिज़ अमेरिका द्वारा जारी अंतर्राष्ट्रीय आतंकियों की लिस्ट में शामिल है. हाफिज़ के सिर पर अमेरिका ने एक करोड़ डॉलर का ईनाम भी रखा हुआ है बावजूद इसके हाफिज़ पाकिस्तान में खुलेआम घूमता है और भारत के खिलाफ आतंकियों को भड़काता है. 
 
‘पाकिस्तानी रावण’ का दूसरा सिर मौलाना मसूद अज़हर
लश्कर के बाद सबसे ज्यादा सक्रीय आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का आका है मसूद अजहर. भारत की मोस्ट वांटेड आतंकियों की लिस्ट में शुमार मसूद अज़हर को साल 1999 में आईसी 184 विमान को हाइजैक कर रिहा कराया गया था. इसके बाद से ही ये पाकिस्तान जाकर बस चुका है. 
 
‘पाकिस्तानी रावण’ का तीसरा सिर सैय्यद सलाउद्दीन
सैय्यद सलाउद्दीन इसलिए ‘पाकिस्तानी रावण’ का तीसरा सिर है क्योंकि ये भारत में सक्रीय तीसरे सबसे बड़े आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का आका है. पाकिस्तान में बैठकर टेरर कैंप चलाना और भारत पर हमले की साज़िशें रचना इसका शगर है. एक अंदाज़े के मुताबिक सैय्यद सलाउद्दीन के हिजबुल मुजाहिदीन में इस वक्त करीब 700 आतंकी मौजूद हैं.
 
‘पाकिस्तानी रावण’ का चौथा सिर दाउद इब्राहिम
‘पाकिस्तानी रावण’ का चौथा सिर दाउद इब्राहिम है दरअसल कभी मुंबई का एक गैंगस्टर रहा दाऊद 1993 में बंबई में सीरियल ब्लास्ट को अंजाम देने के बाद पाकिस्तान भाग गया था. पाकिस्तान में बैठकर ये आज भी अपनी डी कंपनी चला रहा है. आईएसआई से सांठ गांठ की वजह से ये भारत विरोधी साज़िशों में शामिल रहता है. दुनिया में पाकिस्तान की बदनामी का बड़ा सबब दाऊद कराची में पाकिस्तानी सरकारी एजेंसियों की हिफाज़त में रहता है.
 
‘पाकिस्तानी रावण’ का पांचवा सिर ISI
‘पाकिस्तानी रावण’ का पांचवा सिर ISI इसलिए क्योंकि ये वो खुफिया एजेंसी है जो सरकार समेत किसी की नहीं सुनती. इसका अपना एजेंडा है जिसे बदलने की ताकत ना तो पाकिस्तान की सरकार में है ना पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट में. आईएसआई आतंकियों को शरण देने के अलावा उन्हें पैसा और हथियार भी देती आई है. पीओके में टेरर कैंप चलाना, भारत में सीरियल ब्लास्ट या हमलों की फंडिग करना, भारत में जाली नोट भेजना और नशे की तस्करी ऐसा कोई गुनाह नहीं जो पाकिस्तान की ये बदनाम खुफिया एजेंसी नहीं करती.
 
‘पाकिस्तानी रावण’ का छठा सिर ज़ैद हामिद
‘पाकिस्तानी रावण’ का छठा सिर ज़ैद हामिद है. कहने को ये एक पाकिस्तानी थिंक टैंक चलाता है लेकिन इसका असल एजेंडा भारत विरोधी आतंक को हवा देना है. पाकिस्तान में चरमपंथियों की आवाज़ बन चुका ज़ैद हामिद अक्सर पाकिस्तानी टीवी चैनलों पर भारत के खिलाफ जहर उगलता दिखाई देता है. पाकिस्तान में बैठे आतंकी सरगनाओं के लिए अरब देशों से फंडिग कराने का इल्ज़ाम भी इस चरमपंथी पर लगा हुआ है. लगभग हर आतंकी संगठन से ज़ैद हामिद का सीधा कनेक्शन है. भारत विरोधी बयानबाजी कर ये पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई का चहेता बन चुका है. 
 
‘पाकिस्तानी रावण’ का सातवां सिर तालिबान
‘पाकिस्तानी रावण’ का सातवां सिर तालिबान इसलिए साबित हुआ क्योंकि इस संगंठन को पहले पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाक फौज ने ही खड़ा किया लेकिन बाद में जब ये पाकिस्तान के लिए ही मुसीबत बन गया तो पाकिस्तान सरकार को इसी के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी. तहरीके तालिबान एक पाकिस्तान नाम के इस संगठन को शुरू में पाक हुकूमत अच्छा तालिबान या अच्छा आतंकी मानती थी. इसी के बाद पाकिस्तान पर गुड टेररिज्म और बैड टेररिज्म की नीति का इल्ज़ाम लगा.
 
‘पाकिस्तानी रावण’ का आठवां सिर किराए के फिदायीन
‘पाकिस्तानी रावण’ का आठवां सिर किराए के फिदायीन साबित हुए, ये वो आतंकी हैं जिन्हें चंद लाख रुपये देकर किसी भी मुल्क में हमला करने के लिए भेजा जा सकता है. मुंबई हमले में गिरफ्तार हुआ ज़िंदा आतंकी कसाब ऐसा ही किराए का फिदायीन था, जो बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखता था, लश्कर ए तैय्यबा ने उस जैसे 10 नौजवानों को पैसे का लालच देकर हिंदुस्तान भेजा और मुंबई जैसा सनसनीखेज़ हमला करवा डाला. इस हमले में कई दूसरे मुल्कों के नागरिक भी मारे गए थे. आखिरकार दुनिया ने माना कि पाकिस्तान के ये किराए के आतंकी पूरी दुनिया के लिए खतरा हैं और पाकिस्तानी हुकूमत इन्हें रोक पाने में नाकाम है. ऐसे आतंकी अक्सर पाकिस्तान की मस्जिदों में भी फिदायीन हमले करते रहते हैं जिसमें बड़ी तादात में लोग मारे जाते हैं.      
 
‘पाकिस्तानी रावण’ का नौंवां सिर ज़कीउर्रहमान लखवी
‘पाकिस्तानी रावण’ का नौंवा सिर ज़कीउर्रहमान लखवी लश्कर का ऑपरेशन कमांडर और मुंबई हमले का मास्टरमाइंड है. पाकिस्तान की पनाह में बैठा ये आतंकी आतंक की साज़िशें रचने और उन्हें अंजाम दिलवाने में माहिर माना जाता है. मुंबई हमले के वक्त ये हमलावरों से फोन के ज़रिये सीधे संपर्क में था और उन्हें निर्देश दे रहा था कि उन्हें क्या करना है. भारत ने पाकिस्तान को सौंपे डोज़ियर में इसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग तक पाकिस्तान को दी थी लेकिन पाकिस्तान ने दिखावे के लिए इसपर केस चलाया औऱ फिर लाहौर की एक अदालत ने इसे बरी कर दिया.
 
‘पाकिस्तानी रावण’ का दसवां सिर पाकिस्तानी फौज
‘पाकिस्तानी रावण’ का दसवां सिर पाकिस्तानी फौज ही है, जो हमेशा सरकार से ज्यादा ताकतवर रहती है. हर चंद साल में सरकार का तख्ता पलट कर ये फौज तख्त पर सवार हो जाती है. और फिर अपने एजेंडे पर मुल्क को चलाती है. पाक फौज हिंदुस्तान से 3 सीधी जंगों में शिकस्त खा चुकी है इसलिए वो आतंकी संगठनों को हथियार बनाकर हिंदुस्तान पर वार करती रहती है. आतंकियों के लिए आज अगर पाकिस्तान स्वर्ग बन चुका है तो इसकी जिम्मेदार पाकिस्तान की फौज ही है.
 
ये हैं पाकिस्तान के वे दस रावण जो भारत के साथ-साथ पाकिस्तान में भी तबाही का कारण हैं. अगर पाकिस्तान इन दस मुसीबतों से पार पा सके तो ही वो तरक्की की राह पर आगे बढ़ सकता है, वरना ये दस मर्ज पाकिस्तान को कब्र में पहुंचाकर ही छोडेंगें.
 
इंडिया न्यूज़ के खास कार्यक्रम में देखिए पाकिस्तान के दस रावण.