नई दिल्ली. नैनो क्राफ्ट विश्व का सबसे अल्ट्रालाइट डिवाइस है. जिसकी रफ्तार 1 करोड़ 60 लाख किमी/ घंटा है. इसका अविष्कार ब्रेकथ्रू स्टार शॉट प्रोजेक्ट का पूरा श्रेय रूसी कारोबारी यूरी मिल्नर को जाता है जो हर हाल में इस मिशन को कामयाब बनाने में जुटे हैं.

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यूरी मिल्नर का जन्म 11 नवंबर 1961 को मॉस्को में हुआ था. मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी से उन्होंने फिजिक्स में पीएचडी की पढ़ाई की. 1990 में वो रूस छोड़कर अमेरिका चले गए. मिल्नर को बड़ी कामयाबी तब मिली जब उन्होंने डीएसटी यानि डिजिटल स्काई टेक्नोलॉजी की स्थापना की. 

डीएसटी ग्लोबल ने फेसबुक ट्वीटर और इंस्टग्राम जैसी कई बड़ी कंपनियों में निवेश कर रखा है. इस साल की शुरुआत में मिल्नर ने स्टीफन हॉकिंग के साथ मिलकर दूसरे ग्रहों की खोज का मिशन शुरू किया है. मिल्नर का मानना है कि धरती के अलावा दूसरे ग्रहों पर भी जीवन मौजूद है और ये प्रोजेक्ट उसी खोज के लिए शुरू किया गया है.

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स्पेस टेक्नोलॉजी में अमेरिका और रूस जैसे देश तो पहले से ही आगे रहे हैं. पर हाल के सालों में भारत ने भी अंतरिक्ष में तेजी से कदम बढ़ाया है. चंद्रयान और मिशन मार्श की कामयाबी इसका सबूत है. यही वजह है कि ब्रेकथ्रू स्टार शॉट प्रोजेक्ट के लिए इसरो से मदद मांगी गई है.