नई दिल्ली. हरियाणा पूरे देश में वीरों की भूमि के रूप में मशहूर है और दिल्ली से सटे इस प्रदेश को ये तमगा दिलाने में बिसान गांव का सबसे बड़ा योगदान है. देश की सरहद पर जान देने के लिए यहां के युवा बेताब रहते हैं. 
 
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दिखने में देश के बाकी गांवों की तरह बिसान गांव की सड़कें भी धूल से सनी दिखेंगी, लेकिन ये धूल अपनी गोद में आने वाले हर बच्चे को सैनिक बना देती है. इसी मिट्टी से निकले हैं देश के थल सेनाध्यक्ष दलबीर सिंह सुहाग. सुहाग के पिता भी आर्मी में ही थे. 
 
आज जब पूरा हिंदुस्तान क्रिकेट का दीवाना है. विराट कोहली, सचिन और धोनी जब देश के 99 प्रतिशत युवाओं के आदर्श हैं, लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस गांव के हीरो सुहाग हैं और यहां का कोई भी युवा क्रिकेट नहीं खेलता. बल्कि उसका जुनून तो सेना में भर्ती होकर देश सेवा करने का है. हर रोज सुबह और शाम इस गांव की सड़कें और मैदान सेना में भर्ती होने वाले युवाओं की कोशिशों का गवाह बनते हैं.
 
बिसान गांव देश का इकलौता गांव होगा जहां हर घर से एक सैनिक देशसेवा के लिए सेना में भर्ती हुआ है. इस गांव की सबसे बड़ी खासियत है यहां की माएं, जिनकी कोख से देशसेवा के लिए जान न्यौछावर कर देने वाले फैलाद पैदा होते हैं. सेना में भर्ती होने का पहला कहकहरा इस गांव के बच्चे अपनी मां से ही सीखते हैं. इस गांव की कई मांओं की कोख उजड़ी है, कई माओं ने अपने जवान बेटों को खोया है, लेकिन जज्बा ऐसा है कि एक बेटा खोने के बाद दूसरे बेटे को भी सेना में भेजने में वो दूसरी बार नहीं सोचतीं.
 
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