जम्मू. भक्ति में इतनी शक्ति होती है कि खुद भगवान को भी साक्षात दर्शन देने आना पड़ता है. लेकिन अगर भक्त और भगवान के बीच लेन-देन का हिसाब आ जाए तो श्रद्धालुओं की सुध कौन लेगा. ये सवाल इसलिए क्योंकि दर्शन के नाम पर भक्तों से फीस लेने के खिलाफ एक मामला अदालत पहुंच गया है. मुद्दा है वैष्णो देवी जाने वाले भक्तों से भेदभाव बरते जाने का.
 
अब तक सिर्फ ऐसी खबरें आती थीं कि वैष्णो देवी के दर्शन के लिए भक्तों से फीस के रूप में मोटी रकम वसूली जाती है. लेकिन एडवोकेट सुमित नैय्यर ने जब आरटीआई के जरिये इस पर जवाब मांगा तो साफ हो गया कि ये फीस वसूली श्राइन बोर्ड के आदेश के तहत ही की जाती है.
 
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