नई दिल्ली. तिरुपति मंदिर दुनिया का सबसे दौलतमंद मंदिर है. देखा जाए तो साधारण हालात में इसकी सलाना आय 600 करोड़ रुपये है और रोजाना करीब 1.8 करोड़ रुपये है. जानकारी के अनुसार खास मौकों पर श्रद्धालुओं की संख्या 4.5 लाख तक पहुंच जाती है. कहते हैं इस मंदिर पर दौलत की बारिश होती है और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से यहां 50 हजार श्रद्धालु रोजाना आते हैं. 
 
तिरुपति में जो आता है उनमें से ज्यादातर अपने पॉकेट के हिसाब से गुप्त दान करके जाता है. मन्यता है कि भगवान वेंकटेश शतपटिक आशीर्वाद देते हैं. यही स्वर्ण गहने अब 7.5 टन हो चुके हैं. तिरुपति ट्रस्ट चाहता है कि इस सोने को वो प्रधानमंत्री गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत भारत सरकार की तिजोरी में जमा करा दे. इससे सरकार का फायदा तो है कि ट्रस्ट का भी फायदा है.
 
तिरुपति तिरुमाला देवसंस्थानम के  एग्जिक्युटिव ऑफिसर डी संबाशिवा राव का कहना है  “हमारे यानी टीटीडी के पास जो सोना है वह विभिन्न स्कीमों के तहत अलग-अलग बैंकों में जमा है. हम पूरे सोने को भारत सरकार की गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम में लगा सकते हैं लेकिन सरकार को कुछ नियम में ढील करनी चाहिए”,, 
 
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