नई दिल्ली. बॉलीवुड में कई शख्सियत हैं जिनसे हमें प्रेरणा मिलती है. उन्हीं में से एक अभिनेता अनुपम खेर हैं जिनकी जिंदगी एक मिसाल है. अनुपम खेर को फिल्म सारांश को डायरेक्टर, प्रोड्यूसर महेश भट्ट के लिए रोना पड़ा था. तब अनुपम खेर अपने शुरुआती करियर के दौर में थे और एक कामयाब फिल्म की तलाश कर रहे थे.
 
उन दिनों महेश भट्ट सारांश फिल्म बनाने जा रहे थे. महेश भट्ट ने अनुपम खेर को देखकर ही अपने फिल्म में लेने का विचार कर लिया लेकिन कुछ लोगों की सलाह पर महेश भट्ट ने अनुपम की जगह संजीव कुमार को लेकर फिल्म बनाने का विचार किया. जब ये बात अनुपम को पता चली तो वो महेश भट्ट के आगे फूट-फूटकर रोने लगे. इसके बाद महेश भट्ट ने अनुपम को चुन लिया. यहां से अनुपम का फिल्मी करियर शुरू हो गया.
 
पढ़ाई में कुछ खास नहीं थे अनुपम
अनुपम खेर ने एक इंटरव्यू में कहा कि मैं पढ़ाई में कुछ खास नहीं था और मैंने कभी मां-बाप को ये कहने का मौका नहीं दिया कि मेरा बेटा क्लास में फर्स्ट आया है. उन्होंने कहा कि पढ़ाई से थोड़ा अच्छा मैं खेल-कूद में था, मैं लोगों को किक्रेट में हंसाया करता था इसलिए मुझे टीम में शामिल कर लेते थे. अनुपम ने आगे कहा कि घर के खराब हालात होने पर भी मेरे घरवालों ने मुझे कभी अहसास नहीं होने दिया कि हमारे हालात अच्छे नहीं हैं.
 
घर से 100 रुपए चुराकर दिया ऑडिशन
अनुपम खेर ने बताया कि एक बार मैं मम्मी के मंदिर में से 100 रुपए चुराकर शिमला से चंडीगढ़ एक्टिंग इंस्टीय्टूट का टेस्टे देने गए थे. मैंने जब ऑडिशन की जगह पहुंचा तो मैंने देखा सब लड़के लड़कों की ही एक्टिंग करने वाले थे मैंने सोचा जब सब एक ही जैसा ऑडिशन दे रहे हैं तो मैं लड़की की वेशभूषा में ऑडिशन दूंगा अगर खराब भी हुआ तो डायरेक्टर सोचेगा कि लड़के ने कुछ अलग किया. जब मैं वापस घर पर गया तो सब पूछने लगे कि मैं कहां गया था तो मैनें सब चीज के बारे में बताया कि मैं ऑडीशन देने गया था. मेरे पिताजी आगे बढ़े और मुझे एक लेटर दिया. वो लेटर मेरे सलेक्शन का था.