नई दिल्ली. अभी तक आपने हिन्दुस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर पर कंटीले तारों की दीवार देखी है. दोनों देशों के बीच 3323 किलोमीटर की सीमा के करीब 85 फीसदी हिस्सों में इस तरह कंटीली दीवार हैं. नहीं तो फिर खुले बॉर्डर पर दोंनों तरफ के सैनिक गन बैरल ताने खड़े होते हैं. लेकिन पहली बार हिन्दुस्तान की सेना बॉर्डर पर लक्ष्मण रेखा खींचने जा रही है.

सेना को लक्ष्मण रेखा का सूत्र मिल गया है. अगर इस लक्ष्मण रेखा को दुश्मन की सेना या घुसपैठियों ने लांघने की कोशिश की तो वो जलकर भस्म हो जाएंगे.

भारत-पाकिस्तान के बॉर्डर पर नो मैन्स लैंड्स है. जिसमें बीएसएफ के ट्रैक्टर दौड़ते हैं. एक बांध के नीचे से पाकिस्तान की सीमा शुरू हो जाती है. यानी उस तरफ पाकिस्तान और इस तरफ हिन्दुसतान. दोनों देशों के बीच लंबे समय से कंटीले तारों की बनी दीवारों के नजदीक भारतीय जवानों की पेट्रोलिंग होती रही है.

पहली बार भारत इन कंटीली दीवारों के साथ पाकिस्तान से लगने वाली सीमा पर लक्ष्मण रेखा खींचने जा रहा है. ये रेखा जमीन के भीतर भी उतनी ही काम करेगी जिनती आसमान में.   

बीएसफ के डीजीपी जो बता रहे हैं,वही पाकिस्तान बॉर्डर पर ‘ऑपरेशन लक्ष्मण रेखा’ का प्लान है इस ऑपरेशन का मकसद पाकिस्तान से होने वाले घुसपैठियों को बॉर्डर पार करते ही पकड़ लेना है.

ये सब कैसे होगा ? उसकी कहानी का अगला चैप्टर आपको बताएं उससे पहले ये समझने की कोशिश कीजिए कि लक्ष्मण रेखा की जरूरत क्यों पड़ी.

अभी हाल ही में पाकिस्तान बॉर्डर पर तवी नदी के ठीक बगल में करीब 50 फुट लंबी एक सुरंग मिली. इस सुरंग ने सेना और बीएसफ सबको हैरत में डाल दिया. उसके बाद हाई लेवल बैठकों का दौर शुरू हुआ और तब जाकर ‘ऑपरेशन लक्ष्मण रेखा’ का प्लान बना.

इसके पहले चरण में एंटी टनल ड्रिल की शुरूआत हो चुकी है. जिसकी लाइव रिपोर्टिंग इंडिया न्यूज़ संवाददाता अजय जांडयाल ने की है. पाकिस्तान बॉर्डर पर अब ऐसी रेखा खींची जाने वाली है, जो दुश्मनों को दिखेगी ही नहीं लेकिन जैसे ही वो इसे पार करने की कोशिश करेंगे. उनका बचना मुश्किल है.

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