काठमांडू. नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप में मृतकों की संख्या बढ़कर शनिवार को सात हजार से ज्यादा हो गई बै. इसके अलावा 14,000 लोग घायल हुए हैं. पुलिस ने बताया कि मृतकों में महिलाओं की संख्या काफी अधिक है. भूकंप प्रभावित क्षेत्रों से जैसे-जैसे मलबे में दबे शव निकाले जा रहे हैं, मृतकों की संख्या बढ़ती जा रही है.

इस बीच सड़क यातायात में बाधा उत्पन्न होने की वजह से गोरखा जैसे सुदूर इलाके में अब भी राहत और बचाव दल नहीं पहुंच सका है. हजारों लोग अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं जहां भोजन और पानी की तो कमी है ही, पर्याप्त स्वच्छता नहीं होने से बीमारी फैलने की आशंका बढ़ती जा रही है.

भूकंप की त्रासदी झेल रहे नेपाल को चारों-ओर से मदद मिल रही है, लेकिन भूकंप के एक सप्ताह बाद भी इस आपदाग्रस्त देश को 35 लाख लोगों के लिए भोजन और 4,00,000 तंबुओं की जरूरत है.
 
नेपाली सेना प्रमुख जनरल गौरव शमशेर राणा ने शुक्रवार को मीडिया को बताया था कि मरने वालों की संख्या 10,000 तक पहुंच सकती है, क्योंकि राहत एवं बचाव कर्मी काठमांडू और अन्य सुदूरवर्ती इलाकों में लगातार मलबे में दबे जीवित बचे लोगों को बचाने और शवों को बाहर निकालने में लगे हुए हैं.

शुक्रवार को ध्वस्त हो चुकी मशहूर ऐतिहासिक स्थल धरहरा मीनार के मलबे से 50 शव और निकाले गए.  गौरतलब है कि 25 अप्रैल को आए 7.9 तीव्रता वाले भूकंप ने नेपाल में व्यापक तबाही मचाई है.