पटना. राजधानी पटना सहित बिहार के अधिकांश इलाके में रविवार को लगभग 12.45 बजे भूकंप के ताजे झटके महसूस किए गए. इस झटके बाद लोग घरों से बाहर निकल गए.  शनिवार को हुए भूकंप के झटकों से घर-मकान और दीवारों के गिरने से मरने वालों की संख्या बढ़कर रविवार को 42 हो गई है. जबकि 100 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं.

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव ब्यास जी ने बताया कि राज्य में रविवार को फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए. शनिवार को यह संख्या 32 थी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को आला अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर रहे थे, तभी भूकंप के झटके आने के कारण वे भी बैठक छोड़ बाहर निकल गए. आपदा प्रबंधन विभाग के नियंत्रण कक्ष के अनुसार, भूकंप के कारण राज्य में जान-माल की व्यापक क्षति हुई है. राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में कई मकान गिर गए हैं, जिससे 42 लोगों की मौत हो गई . पूर्वी चंपारण जिले में सर्वाधिक आठ लोगों की मौत हुई है. इसके अलावा सीतामढ़ी और दरभंगा में छह-छह तथा सीवान, लखीसराय और अररिया जिलों में तीन-तीन लोगों की मौत हुई है. 

सुपौल, सहरसा, शिवहर, सारण, मधुबनी जिलों में दो-दो तथा कटिहार, पश्चिम चंपारण और गया जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है. मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है. राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव सुनील कुमार ने बताया कि भूकंप के कारण हुई क्षति का आकलन करवाया जा रहा है. राज्य सरकार ने मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपए बतौर मुआवजा देने तथा घायलों को मुफ्त इलाज कराने की घोषणा की है. दहशत के कारण अधिकांश लोगों ने घरों से बाहर खुले मैदान में रात गुजारी.

IANS