नई दिल्ली. भारतीय वायुसेना के विमानों से काठमांडो से अब तक 500 से ज्यादा भारतीय को बचाया गया है. इससे पहले भूकंप प्रभावित नेपाल से चार नवजात बच्चों समेत 55 भारतीयों को वापस लाया गया था.विदेश मंत्रालय के मुताबिक़ गोरखपुर से तीन और MI-17 हेलिकॉप्टर नेपाल में राहत के काम में जुटे हुए हैं. पीड़ितों की मदद के लिए भारत की तरफ से दवाइयां, मेडिकल हेल्प, कंबल और टैंट पहुंचाए गए हैं. नेपाल में फंसे 500 से ज़्यादा भारतीय सकुशल देश वापिस पहुंच गए हैं. 

इसके आलावा चार अन्य हेलिकॉप्टर जिनमें दो ध्रुव भी राहत कार्य में शामिल हैं. साथ ही 6 MI-17 हेलिकॉप्टर गोरखपुर और 6 दूसरी जगहों पर स्टैंड बाय मोड पर हैं. पीड़ितों की मदद के लिए NDRF की टीमें भी नेपाल पहुंच चुकी हैं. लोगों को निकालने के लिए भारत-नेपाल के बीच आज 10 उड़ानें चालू की गयीं हैं.  विमान यहां से एनडीआरएफ के 96 सदस्यों और 15 टन राहत सामग्री लेकर काठमांडो गया था. नेपाल से चार नवजात बच्चों को भी बचाया गया है.

भारत ने सी-130 जे के अलावा वायु सेना के दो अन्य विमान आईएल-76 और सी-17 को भी नेपाल की राजधानी काठमांडो में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए वहां भेजा. नेपाल में शनिवार को 7.9 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के आने से करीब 1,800 लोगों की मौत हो गई और एक यूनेस्को विश्व विरासत स्थल तथा राजधानी में सदियों पुरानी धरहरा मीनार सहित कई प्रमुख इमारतें क्षतिग्रस्त हो गयीं. यह बीते 80 वर्षों का सबसे भयावह भूकंप है.

भूकंप का केंद्र काठमांडो से उत्तर पश्चिम में करीब 80 किलोमीटर दूर लामजुंग में था और बिहार तथा पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के कई शहरों में भी इसका असर महसूस किया गया. चीन के साथ ही पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी भूकंप महसूस किया गया.

IANS