मॉस्को. रूस के उफा में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ के बीच मुलाक़ात हुई. इस दौरा मोदी-नवाज के बीच आतंकवाद का मुद्दा उठा.

दोनों नेता शंघाई कार्पोरेशन आर्गनाइजेशन (एससीओ) के सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे हैं. इससे पहले, गुरुवार रात रूसी राष्ट्रपति पुतिन द्वारा रखे गए डिनर कार्यक्रम में दोनों शामिल हुए. हालांकि, दोनों पीएम की मुलाकात से पहले, पाकिस्तान ने एक बार फिर सीजफायर का उल्लंघन किया. गुरुवार को पाकिस्तानी फायरिंग में बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया.

कब मिले आखिरी बार 
मोदी और शरीफ आखिरी बार बीते साल नवंबर में नेपाल के काठमांडू में हुए सार्क सम्मेलन में मिले थे. हालांकि, उस वक्त दोनों के बीच कोई दि्वपक्षीय बातचीत नहीं हुई थी. इस साल रमजान से पहले, मोदी ने शरीफ को फोन करके शुभकामनाएं दीं. मोदी ने नवाज शरीफ को भारत द्वारा पाकिस्तानी मछुआरों को छोड़ने के फैसले की जानकारी भी दी. इस कदम को मोदी द्वारा डैमेज कंट्रोल के कदम के तौर पर देखा गया, क्योंकि उनके बांग्लादेश दौरे पर उन्होंने पाकिस्तान को ‘सिरदर्द’ करार दिया था. इसके बाद, पाकिस्तान की ओर से भी तीखे बयान दिए गए, जिससे दोनों देशों के बीच रिश्ते तल्ख होते दिखे. म्यांमार में भारत द्वारा उग्रवादियों के खिलाफ किए गए मिलिट्री ऑपरेशन को लेकर भी दोनों देशों के बीच बयानबाजी हुई.

शरीफ से जब भी मिले मोदी, पाक ने की बॉर्डर पर फायरिंग
मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों के बीच यह तीसरी मुलाकात होगी. हालांकि, जब भी दोनों मिलते हैं, उससे पहले या बाद में सीमा पर पाक की तरफ फायरिंग शुरू हो जाती है. मई और नवंबर 2014 में ऐसा हो चुका है. बीती 5 जुलाई को भी नौगाम सेक्टर में पाकिस्तान की फायरिंग में बीएसएफ का एक जवान शहीद हुआ था.