उफा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स और शांघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए तीन दिन की यात्रा पर बुधवार को उफा पहुंचने वाले हैं. इंडिया न्यूज़ के एडिटर इन चीफ दीपक चौरसिया पीएम से पहले ही रूस के उफा शहर पहुंच चुके हैं. दीपक यहां उफा में स्थित इंडियन रेस्टोरेंट सात्विक पहुंचे और उन्होंने मोदी के मेक इन इंडिया के सपनों के लिए मेहनत कर रहे भारतीय छात्र सजल ठाकुर से भी मुलाक़ात की. 

क्या मिलेगा ब्रिक्स और एससीओ से
एससीओ सम्मेलन में भारत को इस संगठन की पूर्व सदस्यता दिए जाने की संभावना है. इस संगठन में फिलहाल छह देश – चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गीस्तान, उज्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान शामिल हैं. भारत को इसमें अभी पर्यवेक्षक का दर्जा हासिल है. इस समूह का गठन परस्पर संपर्क सुविधाएं बढ़ाने, आतंकवाद के विरुद्ध सहयोग के विस्तार, ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग तथा व्यापार बढ़ाने और नशीली दवाओं की तस्करी से निपटने पर केंद्रित है.

पांच देशों के ब्रिक्स समूह (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) के शिखर सम्मेलन में आर्थिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी. ब्रिक्स विकास बैंक की स्थापना के साथ इस सम्मेलन में स्थनीय मुद्राओं में ऋण सुविधा शुरू करने की संभावना पर भी विचार किया जा सकता है. बैंक के पहले चेयरमैन भारत के बैंकिंग क्षेत्र की प्रमुख हस्ती केवी कामत बनाए गए हैं. मोदी और शी के अलावा ब्रिक्स सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ब्राजील की राष्ट्रपति डिल्मा रूसेफ और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा भी हिस्सा लेंगे.

क्या बोला था मोदी ने
मोदी ने सोमवार को दिल्ली से रवाना होने पहले एक बयान में कहा ‘मुझे उम्मीद है कि ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक सहयोग और सांस्कृतिक सहयोग की दिशा में सकारात्मक नतीजा निकलेगा.’ उन्होंने कहा था ‘पिछले साल ब्रिक्स सम्मेलन सार्थक रहा और मुझे भरोसा है कि पिछले सम्मेलन के दौरान हमने जिन क्षेत्रों में प्रगति की थी उससे आगे बढेंगे.’