नई दिल्ली. बगदादी ने आतंक की शुरूआत दो साल पहले की थी. इन दो सालों में बगदादी आतंक के शिखर पर पहुंचा और अब खात्मे की कगार पर भी. लेकिन बगदादी ने इसबार ऐसा इंतजाम किया है कि वो मरने को मर जाएगा. लेकिन आतंक का सिलसिला नहीं थमने देगा. जी हां, बगदादी ने मौत का मदरसा शुरू किया है. वो मदरसा जिसमें क से कत्ल और ख से खून पढाया जाता है. जो भी बगदादी के इस मदरसे में पढेगा बेमौत मारा जाएगा.
 
बगदादी का मौत का वो मदरसा है, जिसमें बगदादी बच्चों को ज़िंदा बम बना रहा है. वो मदरसा जिसमें दाखिले का मतलब मौत है. जी हां, ऐसे ही एक मदरसे में बगदादी के आतंकी नन्हें बच्चों को आतंक के गुर सिखा रहे हैं. बच्चों को हथियार चलाने ट्रेनिंग दी जा रही है. कुछ इसी अंदाज में बच्चों को ग्रेनेड के बारे में बताया जा रहा है.
 
इन तस्वीरों में बगदादी अपना भविष्य देख रहा है. क्योंकि बगदादी जानता है कि बहुत जल्द उसका खात्मा तय है. लेकिन अपनी मौत के बाद बगदादी वो इंतजाम करना चाहता है. जिससे आतंक का सिलसिला कभी ना खत्म हो. बरसों बरस उसके तैयार किये गये आतंकी इंसानियत का कत्ल करते रहे और इसके लिए बगदादी ने बच्चों को चुना है. जिनके लिए बगदादी ने मौत का मदरसा खोल दिया है.
 
इंडिया न्यूज़ के खास शो ‘सलाखें’ में देखिए बगदादी के मौत का मदरसा.