भोपाल. अगर तन और मन सेहतमंद है, तो फिर जिंदगी खुशहाल होगी. आदमी खुशहाल होगा तो समाज और देश भी खुशहाल ही होगा. इसीलिए दुनिया का हर देश मानता है कि विकास का असली पैमाना स्वास्थ्य ही है. सफरनामा में इस बार इंडिया न्यूज़ मध्य प्रदेश के लोगों का हाल-चाल यानी उनके स्वास्थ्य के लिए चलाई जा रही योजनाओं की सेहत जांचने निकला.
 
उन योजनाओं की, जिनकी चर्चा मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में हो रही है और जिनके जरिए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार तीसरी बार मध्यप्रदेश के लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं. मध्यप्रदेश सरकार की चार स्वास्थ्य योजनाएं ऐसी हैं, जिनको दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले अपने लिए वरदान मानने लगे हैं. रोजाना पांच लाख से ज्यादा लोगो को दवाइयां निशुल्क दी जाती हैं.
 
मध्यप्रदेश में ऐसे लाखों लोग मौजूद हैं, जो मध्यप्रदेश सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के चलते ही सांस ले रहे हैं. किसी को संजीवनी 108 की संजीवनी मिली, तो किसी को जननी सुरक्षा एक्सप्रेस का सहारा और किसी को बीमारी सहायता निधि की मदद. स्वास्थ्य का मूल मंत्र है कि बीमारियों का इलाज कराने से बेहतर है कि आप सतर्क रहें ताकि बीमार होने की आशंका कम हो.
 
डॉक्टरी भाषा में कहते हैं ना- कि प्रिवेंशन इज बेटर दैन क्योर यानी इलाज से बेहतर है सावधानी इसीलिए मध्यप्रदेश सरकार अब लगातार कोशिश कर रही है कि लोग बीमारियों से बचाव के बारे में ज्यादा सतर्क और समझदार बनें.