नई दिल्ली: संकष्टी चतुर्थी 2017, 6 दिसंबर 2017 यानी की कल ये चर्तुथी मनाई जाएगी. हर महीने दो चतुर्थी व्रत आते हैं, आप लोग शायद इस बात से अंजान हों लेकिन आपको बता दें कि शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को Sankashti Chaturthi 2017 और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है. साल का अंतिम महीना चल रहा है इस वजह से कल यानी की 6 दिसंबर 2017 को पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी इस साल की अंतिम संकष्टी चतुर्थी होगी. आज हम आपको बताएंगे कि संकष्टी चतुर्थी का महत्व और पूजन विधि.

संकटों को दूर करने वाली चतुर्थी

संकष्टी चतुर्थी जैसे की नाम से ही स्पष्ट हो रहा है कि संकटों को खत्म करने वाली चतुर्थी है. आप लोगों की जानकारी के लिए बता दें कि संकष्टी चर्तुथी वाले दिन व्रत रखें और गणेश जी का पूजन किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि अगर किसी माह में संकष्टी चतुर्थी यदि मंगलवार के दिन आ रही हो तो विशेष रूप से लाभदायी मानी जाती है. शायद आप इस बात से अंजान हों लेकिन अगर संकष्टी चतुर्थी मंगलवार को पड़ती है तो इसे अंगारकी संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है. इस महीने संकष्टी चतुर्थी बुधवार को होने के कारण दिन काफी शुभ है क्योंकि बुधवार का दिन गणपति भगवान का होता है.

पूरी होंगी सभी मनोकामनाएं

गणपति जी का कोई भी भक्त अगर इस दिन सच्चे दिल से उनकी आराधना कर व्रत रखता है तो उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, परिवार के सभी कष्ट भी दूर होते हैं और कर्ज से मुक्ति मिलती है.

संकष्टी चतुर्थी पूजन विधि

संकष्टी चतुर्थी 2017 वाले दिन पूजा करने से पहले कुछ बाते हैं जिनका जान लेना आपके लिए बेहद जरूरी है. पूजा के लिए भगवान गणेश की प्रतिमा को ईशानकोण में चौकी पर स्थापित करें. सबसे पहले पूजा का संकल्प लें और फिर उन्हें जल, अक्षत, दूर्वा घास, लड्डू, पान, धूप आदि अर्पित करें. इसके बाद एक थाली या केले का पत्ता लें, इस पर आपको एक रोली से त्रिकोण बनाना है. त्रिकोण के अग्र भाग पर एक घी का दीपक रखें. इसी के साथ बीच में मसूर की दाल व सात लाल साबुत मिर्च को भी रखें.

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