नई दिल्ली: मोक्षदा एकादशी 2017 आज 30 नवंबर 2017 को मनाई जा रही है, साल भर में कुल 24 एकादशी आती हैं. 24 एकादशी में देवीशयनी और देवप्रबोधनी एकादशी का महत्व सबसे खास होता है. मोक्षदा एकादशी पर हम आपको इस बात से रू-ब-रू कराएंगे कि आज आप किस काम को करेंगे तो आपको विशेष फल की प्राप्ति होगी. आप लोगों की जानकारी के लिए बता दें कि मोक्षदा एकादशी हर साल मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष में आती है. मोक्षदा एकादशी का खास महत्वा है क्योंकि इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन का मोह भंग करने के लिए मोक्ष प्रदायिनी भगवत गीता का उपदेश दिया था. यही वजह है कि इस दिन को गीता जयंती के नाम से भी जाना जाता है.

पौराणिक कथाओं में ‘गीता’ को ज्ञान के स्त्रोत के रूप में देखा जाता है. गीता में इंसान के कई पश्नों के जवान छिपे हुए हैं. गीता में इस बात का उल्लेख किया गया है कि हम सभी हर काम का परिणाम तुरंत चाहते लेकिन धैर्य के बिना अज्ञान, दुख, मोह, क्रोध, काम और लोभ से निवृत्ति नहीं मिलेगी.

अगर आप लोग सोचते हैं कि गीता एक धार्मिक ग्रंथ है तो आपका ये सोचना गलत है क्योंकि गीता धार्मिक नहीं बल्कि दार्शनिक ग्रंथ है. गीता के कुल अट्ठारह अध्याय हैं जिसमे इंसान के सभी धर्म और कर्म के ब्यौरा का जिक्र है. गीता में सतयुग से कलयुग तक के मनुष्य के कर्म और धर्म के बारे में चर्चा की गई है. ये बात बेहद ही कम लोग जानते होंगे कि गीता के श्लोकें में मनुष्य जाति का आधार छिपा है. गीता को घर के मंदिर में लाल कपड़े में रखने के लिए नहीं, बल्कि गीता को पढ़कर उसमें बताए गए संदेश को आत्मसात करने के लिए है. अज्ञानता को दूर कर गीता का चिंतन मनुष्य को आत्मज्ञान की ओर प्रवृत्त करता है.

मोक्षदा एकादशी व्रत

ब्रह्म पुराण के मुताबिक, द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने इसी दिन अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दिया था. इस दिन भगवान का पूजन करें और रात को जागरण करके द्वादशी को एकादशी का पारण करें. भगवान कृष्ण गीता में कहते हैं कि महीनों में मैं मार्गशीर्ष हूं. इसे कहने के पीछे का भाव यह है कि मोक्षदा एकादशी के दिन मानवता को नई दिशा देने वाली गीता का उपदेश हुआ है. महाभारत के युद्ध से
पहले भगवान श्रीकृष्ण ने भ्रमित अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था. यही कारण है कि इस दिन को श्रीमद् भगवद् गीता के जन्मदिन के तौर पर मनाया जाता है.

गीता जयंती मनाने का तरीका

  1. गीता जयंती वाले दिन भगवत गीता का पाठ करना चाहिए.
  2. देश भर में मौजूद कृष्ण मंदिरों में भगवान श्री कृष्ण और गीता की पूजा की जाती है.
  3. गीता के विशेषज्ञ गीता का सार कहते हैं.
  4. इसी दिन मोक्षदा एकादशी होने की वजह से भक्त व्रत रखते हैं.
  5. गीता जयंती के मौके पर गीता के उपदेश को पढ़ा और सुनाया जाता है.

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