नई दिल्ली. मकर संक्रांति 2018 खुशियों का त्योहार है. इस दिन भगवान सूर्य की उपासना की जाती है. दरअसल सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में जाना मकर संक्रांति कहलाता है. इस दिन धनु राशि से सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है इसीलिये इस संक्रांति को मकर संक्रांति हैं. मकर संक्रांति का त्योहार वैसे तो पूरे देश में धूमधाम के साथ मनाया जाता है, लेकिन हर राज्य में वहां की संस्कृति के अनुसार मनाया जाता है. तमिलनाडु में मकर संक्रांति को पोंगल के रूप में मनाया जाता है. हर बार की तरह इस साल भी मकर संक्रांति 14 जनवरी को है. इस दिन सूर्य उत्तरायण में होता है. उत्तरायण सूर्य की दिशा है. इस दिन सूर्य पृथ्वी के सबसे नजदीक होता है. कहा जाता है कि इस दिन से दिन लंबे और रातें छोटी होने लगती है. मकर संक्रांति पर दान और स्नान का विशेष महत्व है. लेकिन हम आपको ऐसे काम बताने जा रहे हैं जो आपको इस दिन भूल कर भी नहीं करने चाहिए.

  1. मकर संक्रांति पर दान का विशेष महत्व होता है इसीलिये इस दिन किसी भी साधु, भिखारी या बुजुर्ग को अपने घर से खाली हाथ न लौटाएं.
  2. इस पर्व पर किसी भी भोजन को बनाते समय उसमें भूलकर भी प्याज लहसुन का प्रयोग न करें.
  3. कहा जाता है कि मकर संक्रांति हरियाली का उत्सव है इसीलिये इस दिन भूल कर भी फसल या भेड़ बकरियों के लिये न्यार भी नहीं काटना चाहिये. एक दिन पहले ही पशुओं के लिये लाकर न्यार रख लें.
  4. मकर संक्रांति पर अपनी वाणी और क्रोध पर संयम रखें.
  5. मकर संक्रांति पर गाय, बकरी व भैंस का दूध नहीं निकाला चाहिये.
  6. इस दिन घर में पूजा पाठ का माहौल होता है इसीलिये ख्याल रखें कि घर में कोई भी शराब, सिगरेट या गुटका जैसी चीजों का सेवन न करें.
  7. मकर संक्राांति के त्योहार पर अगर सूर्य देव की कृपा पाना चाहते हैं तो संध्या काल में अन्न का सेवन न करें.
  8. इस त्योहार के दिन पेड़ पौधों की काट छांट भी नहीं करनी चाहिये.
  9. महिलाओं को मकर संक्रांति के दिन बाल नहीं धोने चाहिये और पुण्यकाल में दांत भी नहीं मांजने चाहिए.
  10. मकर संक्रांति पर स्नान का खास महत्व होता है. इसीलिये इस दिन भूल कर भी बिना स्नान किये नाश्ता या खाना नहीं खाना चाहिये.

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