Hindi religious Chhath Puja 2017, Chhath mahaparv 2017, Chhath Puja, Chhath pooja vidhi, chhath puja arghya, Bhorka Arghya, sham ka ardhya, chhath puja vidhan, chhath puja geet, Chhath Puja vrat vidhi, Sandhya Arghya, Usha Arghya, Chhath Puja muhurat http://www.inkhabar.com/sites/inkhabar.com/files/field/image/%E0%A4%9B%E0%A4%A0-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%9C%E0%A4%BE-2017.jpg

महापर्व छठ पूजा 2017: संझका अर्घ्य 26 अक्टूबर को, पूजा विधि और महत्व

महापर्व छठ पूजा 2017: संझका अर्घ्य 26 अक्टूबर को, पूजा विधि और महत्व

    |
  • Updated
  • :
  • Friday, October 13, 2017 - 18:37
Chhath mahaparv 2017, Chhath Puja, Chhath pooja vidhi, chhath puja arghya, Bhorka Arghya, sham ka ardhya, chhath puja vidhan, chhath puja geet

mahaparv chhath puja 2017: Saanjh ka arghya on 28 october know chhath puja 2017 vidhi and importance

इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
महापर्व छठ पूजा 2017: संझका अर्घ्य 26 अक्टूबर को, पूजा विधि और महत्वmahaparv chhath puja 2017: Saanjh ka arghya on 28 october know chhath puja 2017 vidhi and importance Friday, October 13, 2017 - 18:37+05:30
नई दिल्ली. दिवाली के छह दिन बाद छठ का त्योहार मनाया जाता है. छठ को महापर्व छठ कहा जाता है. छठ पूजा का पर्व 4 दिनों तक मनाया जाता है. इस बार ये पर्व 24 तारीख से शुरू होकर 27 अक्टूबर को संपन्न होगा. बता दें इस बार 24 तारीख को नहाय खाय 25 तारीख को खरना 26 तारीख को सांझ का अर्ध्य और 27 तारीख को भोर का सांझ अर्घ्य है. खास तौर पर तो छठ पूजा देश के पूर्वोत्तर राज्यों में की जाती है. लेकिन इस पूजा के महत्व को देखते हुए अन्य राज्य के लोग भी इस पूजा को करते हैं. छठ पूजा की शुरुआत नहाय खाय से होती है. इसके बाद खरना होता है. छठ पूजा के तीसरे दिन सांझ का अर्घ्य होता है. इसके बाद भोर का अर्घ्य के बाद ये व्रत संपन्न होता है. 
 
सांझ के अर्घ्य का महत्व
 
छठ पूजा 2017 में इस बार सांझ का अर्घ्य 26 अक्टूबर को है. छठ पूजा में सांझ का अर्घ्य का विशेष महत्व होता है. इस व्रती व्यक्ति द्वारा पानी में खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है. ये त्योहार कई मायनों में खास होता है. ये एक ऐसा पर्व है जिसमें उगते और डूबते सूरज को अर्घ्य दिया जाता है. हिंदू परंपरा के अनुसार कहा जाता है कि सूर्य देव की दो पत्निया थीं ऊषा और प्रत्युषा. ये दोनों को सुबह की किरणों और शाम की किरणों से वर्णित किया जाता है. सुबह की किरणों को भोर और शाम की किरणों को सांझ कहा जाता है. 
 
इस दौरान परिवार के सदस्य पूरी साफ-सफाई के साथ प्रसाद बनाने में मदद करते हैं. इस दौरान छठी मैया के गीत गाए जाते हैं. इस दिन पारंपरिक व्यंजन बनाएं जाते हैं. छठ के प्रसाद में ठेकुआ, भुसवा केला, पानी वाला नारियल, गन्ना, डाब नींबू, चावल के लड्डू (लड़ुआ), लाय का सांचा और फल आदि मुख्य तौर पर शामिल किए जाते हैं. इस दौरान साफ सफाई का विशेष ख्याल रखा जाता है. शाम के वक्त बांस की टोकरी में अर्ध्य का सूप सजाकर व्रती अपने परिवार और सगे संबंधियों समेत सूर्य को अर्ध्य देने घाट पर जाते हैं. इस दौरान व्रती जल में खड़े होकर डूबते हुए सूर्य को जल और दूध का अर्ध्य देते हैं. इस दिन भी व्रती कुछ नहीं खाते हैं.
 

 

First Published | Friday, October 13, 2017 - 08:50
For Hindi News Stay Connected with InKhabar | Hindi News Android App | Facebook | Twitter
(Latest News in Hindi from inKhabar)
Disclaimer: India News Channel Ka India Tv Se Koi Sambandh Nahi Hai

Add new comment

CAPTCHA
This question is for testing whether or not you are a human visitor and to prevent automated spam submissions.