नई दिल्ली. आज यानि 12 अक्टूबर को सभी माताएं अपने बच्चों की रक्षा के लिए अहोई अष्टमी का व्रत करेंगी. इस दिन माताएं निर्जला व्रत कर मां अहोई से बच्चों की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं. ये व्रत करवा चौथ व्रत के 4 दिन बाद व दिवाली से 7 दिन पहले मनाया जाता है. कुछ महिलाएं इस व्रत को बच्चे प्राप्ति के लिए भी करती हैं. कहा जाता है कि अहोई अष्टमी या आठें का व्रत करने से अहोई माता खुश होकर बच्चों की सलामती का आशीर्वाद देती हैं. इस व्रत को देशभर में किया जाता है. इस व्रत में महिलाएं तारों और चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपना व्रत खोलती हैं. इस व्रत को शुभ मुहूर्त और पूरी प्रक्रिया के साथ किया जाता है. इसीलिए आज हम आपको माता अहोई की आरती बताने जा रहे हैं. इस आरती से माता अहोई खुश होकर अपने भक्तों की मनोकामनाएं जल्द पूरी करती हैं.
 
अहोई माता की आरती 
 
जय अहोई माता जय अहोई माता.
तुमको निसदिन ध्यावत हरी विष्णु धाता ..
 
ब्रम्हाणी रुद्राणी कमला तू ही है जग दाता.
जो कोई तुमको ध्यावत नित मंगल पाता..
 
तू ही है पाताल बसंती तू ही है सुख दाता.
कर्म प्रभाव प्रकाशक जगनिधि से त्राता..
 
जिस घर थारो वास वही में गुण आता .
कर न सके सोई कर ले मन नहीं घबराता..
 
तुम बिन सुख न होवे पुत्र न कोई पता .
खान पान का वैभव तुम बिन नहीं आता..
 
शुभ गुण सुन्दर युक्ता क्षीर निधि जाता.
रतन चतुर्दश तोंकू कोई नहीं पाता..
 
श्री अहोई माँ की आरती जो कोई गाता .
उर उमंग अति उपजे पाप उतर जाता..
 
अहोई व्रत 2017 का शुभ मुहूर्त
पूजा का समय- 1 घंटा 14 मिनट
मुहूर्त- सुबह 6.14 से 7.28 बजे तक  
शाम – 6.39 बजे से शुरू
 
बता दें अहोई अष्टमी कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी यानि दिवाली से सिर्फ 7 दिन पहले मनाई जाती है. या यूं कहे कि ये व्रत करवा चौथ के 4 दिन बाद मनाया जाता है. इस बार अहोई का व्रत 12 अक्टूबर को 6.55 बजे शुरू होगी. ये 13 अक्टूबर को सुबह 4.59 बजे तक चलेगी.
 
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