नई दिल्ली : बुधवार यानी 1 फरवरी 2017 को पूरे देश में सरस्वती पूजा होगी. जगह-जगह मां सरस्वती की मूर्ति स्थापना होगी. माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी को सरस्वती पूजा के रूप में मनाया जाता है. इस दिन को वसंत पंचमी के तौर पर मनाने की भी परंपरा है.
 
वसंत पंचमी का दिन ज्ञान, विद्या, बुद्धिमत्ता, कला और संस्कृति की देवी मां सरस्वती को समर्पित है. ऐसी मान्यता है कि माघ शुक्ल पंचमी के दिन देवी सरस्वती की पूजा से विशेष फल प्राप्त होता है और बुद्धि प्रखर होती है. इस दिन को अबूझ मुहूर्त यानी बेहद ही शुभ मुहूर्त भी कहा जाता है.
 
 
पूजा मुहूर्त (नई दिल्ली के लिए)
सुबह- 07:09:40 से 12:34:55 तक, 5 घंटे 25 मिनट
 
पूजा विधि
सबसे पहले प्रातः काल स्नान करके पूजन सामग्री के साथ पूजन स्थल पर पूर्वाभिमुख होकर बैठ जाएं. फिर भगवान श्री गणेश की पूजा करें. उसके बाद वरुण देव के आवाहन के साथ कलश स्थापना करें और फिर देवी सरस्वती का पूजन आरंभ करें. नीचे लिखे मंत्र का उच्चारण कर पूजन सामग्री और अपने शरीर पर जल छिड़कें.
 
ॐ अपवित्र: पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोअपी वा.
य: स्मरेत पुण्डरीकाक्षं स बाहान्तर: शुचि:
 
निम्न मंत्र से सरस्वती जी का ध्यान करें.
या कुंदेंदु-तुषार-हार-धवला, या शुभ्रा – वस्त्रावृता,
या वीणा – वार – दण्ड – मंडित – करा, या श्वेत – पद्मासना।
या ब्रह्माच्युत – शङ्कर – प्रभृतिभिर्देवै: सदा वन्दित, 
सा मां पातु सरस्वती भगवती नि: शेष – जाड्यापहा।।