Hindi religious Guru govind singh, Birthday Special, Guru Govind Singh Jayanti, Prakash parv, Special Story, Patna, religious news, India News http://www.inkhabar.com/sites/inkhabar.com/files/field/image/guru-govind-singh_0.jpg

जन्मदिन विशेष: गुरु गोविंद जी को उनके दरबार में क्यों कहा जाता था 'संत सिपाही' ?

जन्मदिन विशेष: गुरु गोविंद जी को उनके दरबार में क्यों कहा जाता था 'संत सिपाही' ?

| Updated: Thursday, January 5, 2017 - 10:17
Guru govind singh, Birthday Special, Guru Govind Singh Jayanti, Prakash parv, Special Story, patna, Religious news, india news

celebration of 350 birthday of guru govind singh do you know these facts

इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
जन्मदिन विशेष: गुरु गोविंद जी को उनके दरबार में क्यों कहा जाता था 'संत सिपाही' ?celebration of 350 birthday of guru govind singh do you know these factsThursday, January 5, 2017 - 10:17+05:30
पटना: आज सिक्खों के दसवें गुरु गुरु गोविन्द सिंह का आज जन्मदिन है. उनका जन्म 22 दिसम्बर, 1666, को पटना साहिब, बिहार के पटना में हुआ था. लेकिन हिंदी कलेंडर के हिसाब से गुरु गोविन्द की जयंती आज है. गुरु की जयंती को प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है.
 
इस मौके पर आपको बताते हैं इनसे जुड़ी कुछ खास बातें...
 
गोविन्द सिंह अपने पिता गुरु तेग बहादुर और माता गुजरी के एक मात्र पुत्र थे. उनके पिता तेग बहादुर की मृत्यु के बाद 11 नवंबर सन 1675 में गुरु बने...
 
 
गुरु गोविन्द सिंह खालसा पंथ के संस्थापक हैं और उन्हें एक महान स्वतंत्रता सेनानी और कवि माना जाता है.
 
बचपन में इन्हें सभी प्यार से ‘बाला प्रीतम’ कह कर पुकारते थे.लेकिन इनके मामा इन्हें गोविन्द की कृपा से प्राप्त मानकर गोविन्द नाम से पुकारते थे.
 
गोविन्द जी का पूरा बचपन बिहार में बीता. जब 1675 में पिता तेगबहादुर जी दिल्ली में हिंदू धर्म की रक्षा के लिए लिए अपनी जान की कुरबानी दे दी उसके बाद मात्र नौ वर्ष की उम्र में  गोविन्द जी ने गुरु की गद्दी धारण की.
 
गुरु गोविन्द सिंह जब पैदा हुए थे उस वक्त उनके पिता तेग बहादुर बंगाल में थे. उन्होंने अपने बेटे का नाम गोविन्द राय रखा था.  उसके बाद सन 1699 को बौसाखी वाले दिन गुरुजी पंज प्यारों से अमृत ठक कर गोविन्द राय से गोविन्द सिंह जी बन गए.
 
संत सिपाही कहा जाता था
 
उनके दरबार में 52 कवियों तथा लेखकों की उपस्थिति रहती थी, इसीलिए उन्हें 'संत सिपाही' भी कहा जाता था.
 
 
गुरु गोबिंद सिंह जी की पत्नियां, माता जीतो जी, माता सुंदरी जी और माता साहिबकौर जी थीं .
 
उन्होंने ही मुगल शासकों के अत्याचार से मुक्ति पाने के लिए सिक्ख समुदाय के लोगों की मदद की थी.उन्होने मुगलों या उनके सहयोगियों (जैसे, शिवालिक पहाडियों के राजा) के साथ 14 युद्ध लड़े.
 
गुरु गोविन्द सिंह जी की यह इच्छा थी कि उनके मृत्यु के बाद भी उनके सहयोगियों में से एक नांदेड़ में ही रहें तथा गुरु के लंगर को निरंतर चलाएं तथा बंद न होने दें. गुरु की इच्छा के अनुसार यहां सालभर लंगर चलता है.
 
महाराष्ट्र के नांदेड शहर में स्थित 'हजूर साहिब सचखंड गुरुद्वारा' में सिखों के दसवें तथा अंतिम गुरु गोविन्द सिंह जी ने अपने प्रिय घोड़े दिलबाग के साथ अंतिम सांस ली थी. ऐसा कहा जाता है कि यह हत्या धार्मिक तथा राजनैतिक कारणों से कराई गई थी.
 

 

First Published | Thursday, January 5, 2017 - 10:05
For Hindi News Stay Connected with InKhabar | Hindi News Android App | Facebook | Twitter
Web Title: celebration of 350 birthday of guru govind singh do you know these facts
(Latest News in Hindi from inKhabar)
Disclaimer: India News Channel Ka India Tv Se Koi Sambandh Nahi Hai

Add new comment

CAPTCHA
This question is for testing whether or not you are a human visitor and to prevent automated spam submissions.

फोटो गैलरी

  • मुंबई के केलु रोड स्टेशन पर एक ट्रेन में सवार अभिनेता विवेक ओबेरॉय
  • मुंबई में अभिनेत्री सनी लियोन "ज़ी सिने पुरस्कार 2017" के दौरान प्रदर्शन करते हुए
  • सूफी गायक ममता जोशी, पटना में एक कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शन करते हुए
  • लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई देते प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी
  • मुंबई में आयोजित दीनानाथ मंगेसकर स्मारक पुरस्कार समारोह में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, लता मंगेसकर और अभिनेता आमिर खान
  • चेन्नई बंदरगाह पर भारतीय तटरक्षक बल आईसीजीएस शनाक का स्वागत
  • आगरा में ताजमहल देखने पहुंचे आयरलैंड के क्रिकेटर
  • अरुणाचल प्रदेश में सेला दर्रे पर भारी बर्फबारी का एक दृश्य
  • कोलकाता के ईडन गार्डन में वंचित बच्चों की मदद के लिए क्रिकेट खेलने पहुंचे पूर्व क्रिकेटर टीएमसी मंत्री लक्ष्मी रतन सुक्ला
  • नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुंबई में अंतर्राष्ट्रीय डायमंड सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी