नई दिल्ली. आज देश भर में सिख धर्म के संस्थापक और प्रथम गुरु नानक देव जी जन्मदिवस की धूम है. गुरु नानक जयंती को गुरु पूर्णिमा और प्रकाशोत्सव के नाम से भी जाना जाता है. आज कार्तिक पूर्णिमा भी है.
 
हिन्दू पंचांग के मुताबिकक कार्तिक पूर्णिमा के दिन अपने पूर्ण कला में होता है. कार्ति पूर्णिमा को देव दिवाली और त्रिपुरी पूर्णिमा के नाम से भा जाना जाता है. मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान शिव ने त्रिपुरा नामक असुर पर विजय प्राप्त की थी. इस दिन भगवान गंगा स्नान के साथ भगवान शिव की पूजा होती है.
 
आज के दिन कार्तिक पूर्णिमा और गुरु नानक के जन्म के उपल्क्ष्य में देश में कई जगह मेले का भी आयोजन किया जाता है. आज कार्तिक स्नान का बड़ा महत्व है. कार्तिक पूर्णिमा पर भगवान सत्य नारायण की कथा कराने का भी बड़ा महत्व है.
 
68 साल बाद दिखेगा सुपरमून
68 साल बाद यह पहला मौका होगा जब चंद्रमा धरती के बेहद ही करीब होगा. आज चांद की रौशनी भी 30 फीसदी ज्यादा होगी. इससे पहले 1948 में सुपरमून दिखा था और अगली बार 2034 में देखा जाएगा. इसकी जानकारी खुद नासा (NASA) ने दी है.
 
कार्तिक पूर्णिमा के दिन दाढ़ी-बाल कटवाना/बनाना, पेड़ काटना, फल-फूल तोड़ना, फसल को काटना अथवा शारीरिक संबंध बनाना ठीक वर्जित है. इस दिन दान पुण्य करना चाहिए तथा गायों को खिलाना चाहिए.