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छठ पूजा के ये वैज्ञानिक फायदे नहीं जानते होंगे आप

छठ पूजा के ये वैज्ञानिक फायदे नहीं जानते होंगे आप

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  • Monday, October 9, 2017 - 09:55
Chhath puja 2016: scientific benefits of chhath puja you don't know

Chhath puja 2016: scientific benefits of chhath puja you don't know

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छठ पूजा के ये वैज्ञानिक फायदे नहीं जानते होंगे आपChhath puja 2016: scientific benefits of chhath puja you don't knowMonday, October 9, 2017 - 09:55+05:30
नई दिल्ली. छठ पूजा हिन्दुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है. छठ पूजा भगवान सूर्य और उनकी पत्नी छठी मैया को समर्पित होता है. इस बार छठ पूजा 6 नवंबर को पूरे बिहार, झारखण्ड और नेपाल सहित देश के कई राज्यों में मनाई जाएगी.
 
हिन्दू धर्म में सूर्य की पूजा आरोग्य, सुख-समृद्धि और प्रगति के रूप में होती है. छठ पूजा के दौरान व्रती पहले डूबते फिर उगते सूर्य की अराधना घंटों पानी में खड़े होकर करते हैं. छठ पूजा साल में दो बार मनाई जाती है. पहला होली के बाद चैत्र मास में और दूसरा दिवाली के बाद कार्तिक की षष्ठी को. हालांकि कार्तिक में की जाने वाली छठ पूजा की बड़ी धूम होती है.
 
नहाय खाय- नहाय खाय को छठ पूजा का पहला दिन माना गया है. इस दिन व्रती गंगा नदी में स्नान करते हैं और पानी को अपने घर ले जाते हैं. नहाय खाय के दिन लौकी (कद्दू) खाने का विशेष विधान है.
 
खरना (लोहंडा)- छठ पूजा का दूसरा दिन खरना के नाम से जाना जाता है. पटना के आसपास के इलाकों में इसे लोहंडा के नाम भी जाना जाता है. इस दिन व्रती दिन पर निर्जला उपवास करते हैं. फिर शाम को स्नान करके गाय के दूध में गुड़ वाली खीर बनाते हैं. उसके बाद इन सब से भगवान सूर्य की पूजा करते है और प्रसाद के रूप में इसे ग्रहण करते हैं. इसके बाद से 36 घंटे तक व्रती कुछ नहीं खाते हैं. उपवास के दौरान व्रती शुद्धता और पवित्रता का पूरा ख्याल रखते हैं.
 
संध्या अर्घ्य- खरना के अगले दिन संध्या अर्घ्य यानी शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. साथ ही छठी मैया की पूजा होती है. सभी व्रती नदी किनारे फल-फूल और पकवान के साथ इक्कट्ठे होते हैं और सूर्य के साथ छठी मैया की पूजा करते हैं. इस दौरान लोग छठी मैया की गीत भी गाते हैं.
 
उषा अर्घ्य- यह छठ पूजा का चौथा दिन होता है. इस दिन सूर्योदय से पहले नदी के किनारे जाते हैं और उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हैं. उसके बाद उपवास को तोड़ते हैं.
 
छठ व्रत के फायदे
छठ पूजा का जितना धार्मिक महत्व है उतना ही वैज्ञानिक भी है. छठ पूजा में 4 दिन का उपवास होने के कारण पेट संबंधि परेशानियां दूर होती हैं.  साथ ही कार्तिक मास में सूर्य को अर्घ्य देने से शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार होता है, क्योंकि इस समय सूर्य में एक दिव्य ऊर्जा विध्यमान रहती है.
 
पौराणिक मान्यता 
छठ पूजा से जुड़ी एक पौराणिक मान्यता है महाभारत से है, जब पाण्डव जुए में अपना राजपाट गंवा चुके थे. उसके बाद द्रौपदी और पाण्डवों ने भक्तिभाव से छठ पूजा जिससे उनका राजपाट वापस मिल गया. छठ पूजा के पीछे दूसरी मान्यता यह है कि 14 साल वनवास काटने के बाद राजा राम और सीता ने इस व्रत को किया था.
 
आप सभी को इनखबर टीम की ओर से छठ पूजा का हार्दिक शुभकामनाएं
First Published | Saturday, November 5, 2016 - 14:08
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