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शरद पूर्णिमा का इस तरह व्रत करने से घर में आएगी शांति और लक्ष्मी

शरद पूर्णिमा का इस तरह व्रत करने से घर में आएगी शांति और लक्ष्मी

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  • Friday, October 14, 2016 - 18:32
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Importance and Significance of Sharad Poornima

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शरद पूर्णिमा का इस तरह व्रत करने से घर में आएगी शांति और लक्ष्मीImportance and Significance of Sharad PoornimaFriday, October 14, 2016 - 18:32+05:30
नई दिल्ली. इस बार शरद पूर्णिमा शनिवार यानी 15 अक्टूबर को मनायी जाएगी. शरद पूर्णिमा को कोजोगार पूर्णिमा व्रत और रास पूर्णिमा भी कहा जाता है. मान्यता है की शरद पूर्णिमा की रात चन्द्रमा सोलह कलाओं से संपन्न होकर अमृत वर्षा करता है इसलिए इस रात में खीर को खुले आसमान में रखा जाता है और सुबह उसे प्रसाद मानकर खाया जाता है. कहतें है शरद पूर्णिमा की रात्रि पर चंद्रमा पृथ्वी के सबसे निकट होता है.
 
शरद पूर्णिमा का महत्व
शास्त्रों के अनुसार इस दिन अगर अनुष्ठान किया जाए तो यह अवश्य सफल होता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने गोपियों के साथ महारास रचा था. इस दिन चन्द्रमा कि किरणों से अमृत वर्षा होती है. इसी कारण इस दिन खीर बनाकर रात भर चांदनी में रखकर अगले दिन प्रात:काल में खाने का विधि-विधान है.
 
कैसे लगायें खीर का भोग?
इस दिन व्रत रख कर विधिविधान से लक्ष्मीनारायण का पूजन करें और रात में खीर बनाकर उसे रात में आसमान के नीचे रख दें ताकि चंद्रमा की चांदनी का प्रकाश खीर पर पड़े. दूसरे दिन सुबह स्नान करके खीर का भोग अपने घर के मंदिर में लगाएं कम से कम तीन ब्राह्मणों या कन्यायों को खीर प्रसाद के रूप में दें और फिर अपने परिवार में खीर का प्रसाद बांटें. इस प्रसाद को ग्रहण करने से अनेक प्रकार के रोगों से छुटकारा मिलता है.
 
यह है वैज्ञानिक कारण 
शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा हमारी धरती के बहुत करीब होता है. इसलिए चंद्रमा के प्रकाश में मौजूद रासायनिक तत्व सीधे-सीधे धरती पर गिरते हैं. खाने-पीने की चीजें खुले आसमान के नीचे रखने से चंद्रमा की किरणे सीधे उन पर पड़ती है. जिससे विशेष पोषक तत्व खाद्य पदार्थों में मिल जाते हैं जो हमारी सेहत के लिए अनुकूल होते हैं.
 
लक्ष्मी पाना है तो पूरी रात जगे
कहा जाता है की इस रात माता लक्ष्मी रात्रि में यह देखने के लिए घूमती हैं कि कौन जाग रहा है और जो जाग रहा है महालक्ष्मी उसका कल्याण करती हैं. कहा जाता है इसी रात के बाद से मौसम बदलता है और सर्दी के मौसम का आगमन होता है. कहतें है की इसी रात में भगवान श्री कृष्ण भी गोपियों के साथ रासलीला रचातें हैं. इस रात अगर आपको आपको धन का खजाना पाना है तो इस मंत्र का जरुर करें जाप.
 
शरद पूर्णिमा पर कैसे करें पूजन 
पूर्णिमा के दिन सुबह में इष्ट देव का पूजन करना चाहिए. इन्द्र और महालक्ष्मी जी का पूजन करके घी के दीपक जलाकर उसकी गन्ध पुष्प आदि से पूजा करनी चाहिए. ब्राह्मणों को खीर का भोजन कराना चाहिए और उन्हें दान दक्षिणा प्रदान करनी चाहिए. लक्ष्मी प्राप्ति के लिए इस व्रत को विशेष रुप से किया जाता है.
 
इस दिन जागरण करने वालों की धन-संपत्ति में वृद्धि होती है. रात को चन्द्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही भोजन करना चाहिए.मंदिर में खीर आदि दान करने का विधि-विधान है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन चांद की चांदनी से अमृत बरसता है.
First Published | Friday, October 14, 2016 - 18:32
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