वाराणसी. यूपी के पंचायत चुनावों में बीजेपी को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है. पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ही बीजेपी 48 में से 40 सीटें हार गई है. पीएम मोदी के गोद लिए गांव जयापुर में भी बीजेपी का जिला पंचायत सदस्‍य चुनाव हार गया. समाजवादी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और बसपा मजबूती से दूसरे नंबर पर है. मुलायम के परिवार के सभी 6 लोग जीत गए हैं, लेकिन अखिलेश यादव के मंत्रियों के ज्‍यादातर रिश्‍तेदार चुनाव हार गए. 
 
वाराणसी देश का सबसे अहम संसदीय क्षेत्र है. प्रधानमंत्री मोदी यहीं से चुनकर संसद पहुंचे हैं लेकिन पंचायत चुनाव में बीजेपी यहां 48 में से 40 सीटें हार गई. मोदी के गोद लिए जयापुर में भी पार्टी जिला पंचायत सदस्‍य का चुनाव हार गई. बीजेपी के तमाम दिग्‍गजों के इलाकों में यही हालत है.
 
कलराज मिश्र के देवरिया में बीजेपी 56 में से 50 सीट हार गई. कल्‍याण सिंह के अलीगढ़ में 52 में से 44 सीटें हार गई. कभी कल्‍याण सिंह का ही संसदीय क्षेत्र रहे अतरौली में सभी 8 सीटें हार गई. रेल राज्‍य मंत्री मनोज सिन्‍हा के गाजीपुर में 67 में से 57 सीटें हार गई. उमा भारती के झांसी में 24 में से 20 सीटें हार गई. राजनाथ सिंह के लखनऊ में 26 में से 20 सीटें हार गई. राजनाथ सिंह के गोद लिए गांव में जिला पंचायत सदस्‍य का चुनाव भी हार गई.
 
फिर भी बीजेपी कहती है कि इस बार उसका प्रदर्शन बहुत अच्‍छा है. यूपी बीजेपी अध्‍यक्ष लक्ष्‍मीकांत वाजपेयी कहते हैं, ‘भारतीय जनता पार्टी पहली बार चुनाव लड़ी है. 25 से 30 फीसदी सीटों को जीतने की संभावना को लेकर हम काम कर रहे थे और जो जीता हुआ प्रतिशत आ रहा है, 25 से कम नहीं होगा.